Sunday, June 4

इस बार जनवरी-फरवरी में पड़ेगी कड़ाके की ठंड, चीन के लिए जारी हुआ सर्दी का खतरनाक अलर्ट 

इस बार जनवरी-फरवरी में पड़ेगी कड़ाके की ठंड, चीन के लिए जारी हुआ सर्दी का खतरनाक अलर्ट 


नई दिल्ली
मौसम में चल रहे उलटफेर के बीच मानसून की वापसी इस बार काफी लेट हो रही है और हाल ही में देश के कई राज्यों में हुई बेमौसम बरसात ने जान-माल का जबरदस्त नुकसान पहुंचाया है। भारी बारिश की इन खबरों के बीच अब सर्दियों के मौसम को लेकर भी एक बड़ी रिपोर्ट सामने आई है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि इस बार उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड पड़ेगी और जनवरी-फरवरी के महीने में तापमान औसत से तीन डिग्री नीचे तक गिर सकता है। दरअसल, प्रशांत महासागर में बने 'ला नीना' पैटर्न के असर की वजह से मौसम में यह बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। भारत में अभी से दिखने लगा है ला नीना का असर 'ब्लूमबर्ग' की इस रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर भारत के कुछ राज्यों में जनवरी और फरवरी के महीने इस बार अपेक्षाकृत ज्यादा ठंडे रहेंगे। 

तापमान में इस दौरान एक बड़ी गिरावट दिखेगी, जो औसत से 3 डिग्री तक नीचे जा सकती है। इसके अलावा ला नीना का असर अभी से भारत में दिखने भी लगा है, क्योंकि बीते कुछ हफ्तों में देश के कई राज्यों में भारी बारिश हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारी बारिश और मानसून की वापसी में देरी, इन दोनों का संबंध सीधे तौर पर ला नीना मौसम पैटर्न से ही जुड़ा हुआ है। 

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि सर्द मौसम के चलते कई एशियाई देशों में ऊर्जा का संकट खड़ा हो सकता है। इनमें चीन को लेकर विशेष तौर पर चिंता जताई गई है, जहां ऊर्जा की खपत सबसे ज्यादा है। आपको बता दें कि भारत भी एशिया के बाकी देशों की तरह ईंधन की बढ़ती कीमतों से जूझ रहा है। हालांकि, अन्य देशों की अपेक्षा सर्दियों में भारत में ऊर्जा की खपत कम हो जाती है, क्योंकि एयर कंडीशन का इस्तेमाल घट जाता है।

बर्फबारी के साथ कई राज्यों में सर्दी की दस्तक गौरतलब है कि कल यानी रविवार को हुई भारी बर्फबारी के चलते किन्नौर और लाहौल-स्पीति जैसे हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में तापमान पहले ही शून्य से नीचे पहुंच गया है। शिमला स्थित भारतीय मौसम विभाग के सेंटर ने सोमवार को रिपोर्ट जारी करते हुए बताया कि लाहौल-स्पीति के केलांग में तापमान शून्य से 5 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया है और कुछ उत्तरी राज्यों में सर्दी ने दस्तक दे भी दी है। हिमाचल प्रदेश की राजधानी में भी पिछले 24 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। दिल्ली दरबार में तैयार होगी उत्तराखंड चुनाव की रणनीति, आपदा और चुनाव को लेकर सोनिया करेंगी मंथन भारत के मौसम में क्यों दिखे भारी बदलाव मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा का कहना है कि अक्टूबर के महीने में दो कम दबाव के क्षेत्रों का गठन हुआ, जिसके चलते तेज हवाओं और भारी बारिश की घटनाएं हुईं।

 उत्तराखंड के मौसम में आए परिवर्तन का कारण बताते हुए मृत्युंजय महापात्रा ने कहा कि पश्चिमी विक्षोभ और निम्न दबाव के क्षेत्र के बीच जो क्रियाएं हुई हैं, उसकी वजह से इस हफ्ते वहां इतनी भारी बारिश देखने को मिली है। पहाड़ों पर बर्फबारी ढा रही है कहर खराब मौसम और भारी बर्फबारी के चलते हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में सोमवार को मुंबई के तीन पर्यटकों की मौत की भी खबर आई। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश के ऊपरी इलाकों, जैसे- लाहौल स्पीति और चंबा में 50 से ज्यादा सड़कें बर्फबारी के चलते बंद हो गईं और लोगों का जीवन ठहर गया। इससे पहले पिछले हफ्ते ही उत्तराखंड में तीन दिन तक लगातार भारी बारिश हुई और लैंड स्लाइड, बाढ़ व बादल फटने की घटनाओं के चलते 60 से ज्यादा लोगों की मौत की खबर आई। 

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