Saturday, February 4

किसानों को साधने के लिए 25 अक्टूबर को काशी में होगी पीएम मोदी की रैली, चुनाव से पहले देंगे परियोजनाओं की सौगात 

किसानों को साधने के लिए 25 अक्टूबर को काशी में होगी पीएम मोदी की रैली, चुनाव से पहले देंगे परियोजनाओं की सौगात 


वाराणसी
आगामी 25 अक्टूबर को पीएम नरेंद्र मोदी वाराणसी आ रहे हैं। इस दौरे पर पीएम मोदी काशी को दीपावली से पहले 5 हजार करोड़ की 30 परियोजनाओं की सौगात देंगे। पीएम के दौरे को लेकर वाराणसी में तैयारियां जोरों से शुरू हो गयी हैं। एक तरफ जहां पीएम मोदी के काशी आगमन को लेकर संगठन के महामंत्री बी एल सन्तोष बीजेपी के रोहनिया में बने काशी प्रान्त के कार्यालय में संगठन के कार्यकर्ताओं और विधायक, सांसदों के साथ अहम बैठक करेंगे। वहीं दूसरी तरफ पीएम के आगमन को लेकर राजातालाब के मेहंदीगंज में 45 बीघा जमीन पर जर्मन हैंगर के पंडाल बनना शुरू हो चुके हैं। पीएम का यह दौरा देखा जाए तो यह 2022 में विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के लिए बहुमत दिलाने के नजरिये से भी काफी अहम साबित होने जा रहा है। दरअसल पीएम मोदी अपने इस दौरे पर काशी को सिर्फ लोकार्पित होने वाली योजनाओ की ही सौगात देंगे जिसमे अधिकतर योजनाएं सड़कों और रिंगरोड से जुड़ी हुई हैं।

 5 महीने पहले बन कर तैयार हुआ है हरहुआ – राजातालाब रिंग रोड 25 अक्टूबर को पीएम मोदी करीब 2 घंटे अपने संसदीय क्षेत्र में बिताने वाले हैं। दोपहर के समय वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री एयरपोर्ट पर उतरकर प्रधानमंत्री मोदी सीधे मेहंदीगंज के सभा स्थल पर पहुंचेगे। यहीं पीएम 5 हजार करोड़ की 30 परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे। इसमें सबसे महत्वपूर्ण योजना प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वास्थ्य योजना का नेशनल लांच वाराणसी से प्रधानमंत्री मोदी करेंगे। इसके अलावा पीएम मोदी काशी को 30 परियोजनाओं का लोकार्पण कर सौगात देने जा रहे है। इसमें मुख्य रूप से वाराणसी रिंगरोड फेज -2 का पैकेज 1 है जो एनएच 2 को एनएच 56 से जोड़ेगी। यह करीब 16.9 किलोमीटर लम्बी रिंगरोड है। इसके साथ-साथ पीएम मोदी एनएच 29 का 72 किलोमीटर लम्बा वाराणसी – गाजीपुर सेक्शन की बनी सड़क का लोकार्पण करेंगे। 

इन परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे पीएम मोदी वाराणसी में वरुणा पर बने ब्रिज का लोकार्पण भी लोकार्पण होगा। कालिका धाम ब्रिज को सेतु निगम ने बनाया है। सौगातों में रामनगर में 10 एमएलडी का ट्रीटमेंट प्लांट भी शामिल है। वरुणा में गिरने वाले नाले का टैपिंग करने के बाद चैनेलाइजेशन का लोकार्पण है, बीएचयू को कई नए हॉस्टल, पिंडारा विधानसभा में आने वाले कॉलेज में कॉमर्स और साइन विंग का लोकार्पण, टूरिज्म के जुड़े क्षेत्र में गोदौलिया से मैदागिन के लिए बने नई आरसीसी सड़क का लोकार्पण, शूलटंकेश मंदिर और मार्कण्डेय महादेव मंदिर में सुंदरीकरण का कार्य लोकार्पित होगा, पीडब्लूडी के कैंट से पड़ाव मार्ग का कार्य, ऐसे कुल मिलाकर 30 परियोजनाओं की सौगात पीएम काशी को देने वाले हैं। 

यह कार्य मार्च 2022 में पूरा होना था लेकिन अक्टूबर में ही यह बन कर तैयार हो चुका है। क्या किसान आंदोलन को लेकर हो रही यह रैली? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी परियोजनाओं की सौगात के बाद एक बड़ी जनसभा को सम्बोधित करेंगे। शहर के 8 विधानसभा से अलग-अलग विधायक और मंत्रियों को 50 हजार लोगों को बुलाने का लक्ष्य दिया गया है। इस सभा को सम्बोधित करने के बाद पीएम मोदी रिंगरोड का स्थलीय निरीक्षण करते हुए वापस एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे, ऐसी सम्भावना बताई जा रही है। लेकिन सभा स्थल के चयन की बात की जाए तो यह सभा मेहंदीगंज में आयोजित है जो रिंगरोड के किनारे का हिस्सा है। यहां यह इलाका किसानों की आबादी वाला हिस्सा है।

 दो दिनों पहले कांग्रेस ने एक ट्वीट करते हुए पीएम के सभास्थल के लिए किसानों की हरी फसल काटने का आरोप लगाया था जिसके बाद किसानों ने इस पूरे मामले पर कांग्रेस के ट्वीट पर ही सवालिया निशान खड़े करते हुए कहा था कि पीएम की रैली के लिए उनसे अनुमति लेकर जमीन ली गयी। वहीं जिस धान की फसल काटी गई वो फसल पक चुकी थी। भाजपा देना चाहती है मैसेज- पार्टी किसानों के साथ यही नहीं किसान अजित गुप्ता और मुन्ना पटेल ने बताया कि प्रशासन ने उनकी फसाल कटवाई और ट्रैक्टर से उसे घर भिजवाया। ऊपर से उन्हें एमएसपी के मुताबिक मुआवजा भी दिया गया। अब ये फसल बाजारों में बेच पाएंगे और रिंगरोड से उन्हें आगे भी अपने व्यापार में लाभ होगा। ऐसे में यही देखा जाए तो पीएम मोदी की 25 अक्टूबर को होने वाली रैली से भाजपा यह भी सन्देश देना चाहती है कि तीन कृषि कानून को लेकर दिल्ली और पंजाब में किसान आंदोलन कर रहे है, यूपी में भाजपा की सरकार किसानों के साथ खड़ी है।
 

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