Friday, February 3

येचुरी बोले- भाजपा का विकल्प जनता तय करेगी, RJD के बाद लेफ्ट से भी टूटेगा कांग्रेस का गठबंधन?

येचुरी बोले- भाजपा का विकल्प जनता तय करेगी, RJD के बाद लेफ्ट से भी टूटेगा कांग्रेस का गठबंधन?


 नई दिल्ली। 
बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने उपचुनाव में कांग्रेस पार्टी से गठबंधन तोड़ लिया है। इस बीच लेफ्ट भी देश की सबसे पुरानी पार्टी को आंखे दिखाने लगी है। माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी ने साफ शब्दों में कहा कि भाजपा का विकल्प लोगों के जनादेश से आएगा न कि किसी और के फैसले से। पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक के बाद उन्होंने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक में कांग्रेस के विकल्प होने के मुद्दे पर चर्चा नहीं हुई। साथ ही बैठक में कांग्रेस के साथ किसी भी तरह के संबंध के मामले पर भी चर्चा नहीं हुई।

विजयन बोले- कांग्रेस, बीजेपा का विकल्प नहीं
सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय समिति की बैठक के दूसरे दिन केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने स्पष्ट रूप से कहा था कि कांग्रेस पार्टी, भाजपा का विकल्प नहीं है। आपातकाल के बाद जनता पार्टी कांग्रेस के विकल्प के रूप में कैसे उभरी और अटल बिहारी वाजपेयी की हार के बाद संयुक्त प्रगतिशील संगठन (संप्रग) का गठन हुआ, इस पर प्रकाश डालते हुए येचुरी ने कहा कि भारत के लोगों ने हमेशा विकल्प ढूंढे हैं।

लोग चुनेंगे भाजपा का विकल्प: येचुरी
उन्होंने कहा कि कांग्रेस से जुड़ाव मुद्दे पर कोई फैसला नहीं लिया गया। भाजपा के राष्ट्रीय विकल्प के तौर पर कांग्रेस पर चर्चा नहीं हुई। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा के खिलाफ कोई विकल्प है, तो यह देश के लोगों द्वारा लिए गए निर्णय के रूप में सामने आएगा, न कि किसी और के निर्णय द्वारा। जब भी लोगों ने ऐसी स्थिति का सामना किया है, तो उन्होंने अपने दम पर एक विकल्प ढूंढ लिया है।
 
कोरोना रोधी टीके की सौ करोड़ खुराक के आंकड़े पर पहुंचने के बाद भाजपा सरकार के जश्न के बीच येचुरी ने एक मंत्री द्वारा पेट्रोलियम उत्पादों पर उत्पाद शुल्क को मुफ्त टीकाकरण से जोड़ने वाली टिप्पणी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एक कैबिनेट मंत्री बेतुका दावा कर रहे हैं कि पेट्रोलियम उत्पादों पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क में बढ़ोतरी मुफ्त टीकाकरण का वित्तपोषण कर रही है। यह हास्यास्पद है। अगर लोग अत्यधिक कीमत चुका रहे हैं, तो टीकाकरण मुफ्त नहीं है।

उन्होंने कहा कि टीकाकरण के लिए 35,000 करोड़ रुपये के बजटीय आवंटन का क्या हुआ? सारा पैसा कहां गया? उन्होंने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार लोगों का ध्यान विचलित करने और महामारी से अपने घोर कुप्रबंधन को छिपाने के लिए सौ करोड़ टीके लगाने के लिए समारोह आयोजित कर रही है। माकपा महासचिव ने 2021 के जनसांख्यिकीय सर्वेक्षण में जाति आधारित जनगणना की भी मांग की।

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