Saturday, November 26

अयोध्‍या दीपोत्‍सव में बनेगा नया रिकॉर्ड,12 लाख दीयों से जगमगाएगी रामनगरी

अयोध्‍या दीपोत्‍सव में बनेगा नया रिकॉर्ड,12 लाख दीयों से जगमगाएगी रामनगरी


  अयोध्‍या

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी (Yogi Adityanath) की सरकार बनने के साथ ही 2017 में अयोध्या राम की पैड़ी पर दीपोत्सव कार्यक्रम की शुरुआत हुई. सबसे पहले लगभग 1,80, 000 दीपक जलाए गए थे. इसी तरह 2018 में 3,01,152, फिर 2019 में 5,50,000, फिर 2020 में 5,51000, और अब 2021 जो योगी सरकार के इस कार्यकाल का अंतिम साल है. तब अयोध्या न सिर्फ अपने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ेगी बल्कि ऐसा कीर्तिमान भी बनाएगी जो एक बड़ी चुनौती होगा.

अयोध्या में राम की पैड़ी पर इस बार लगभग 9 लाख दीपक जलाए जाएंगे. गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम इनकी गिनती करेगी. बाकी अयोध्‍या में तीन लाख दीपक प्रज्‍जवलित होगें, इस तरह कुल मिलाकर 12 लाख दीपक प्रकाशित होंगे.

अयोध्या में बुधवार को भव्य कार्यक्रमों का आयोजन होगा. सुबह 10 बजे भगवान राम की शोभा यात्रा और झांकियां निकाली जाएगी. ये साकेत महाविद्यालय से शुरू होकर रामकथा पार्क पहुंचेगी. इसमें केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी शामिल होंगे. राज्यपाल आनंदी बेन और CM योगी आदित्‍यनाथ भी इस दौरान मौजूद रहेंगे. कार्यक्रम में हेलीकॉप्टर से राम-सीता का आगमन होगा, भरत मिलाप और रामायण चित्र प्रदर्शनी का उद्घाटन भी होगा.

कहां कहां जलेंगे दीपक

अयोध्या में इस बार जलाए जाने वाले दीपो की संख्या पिछले साल की तुलना में काफी अधिक है. अकेले राम की पैड़ी पर लगभग 9 लाख दीपक जलाए जाएंगे, राम जन्मभूमि परिसर में 51,000 दीपक जलेंगे, अयोध्या के प्राचीन मंदिरों और स्थानों पर 3 लाख से अधिक दीपक जलाए जाएंगे.  इसके अलावा अयोध्या की 14 कोसी परिक्रमा के भीतर लगभग सभी पौराणिक स्थानों, कुण्डों, मंदिरों पर दीपक जलेंगे.  यही नहीं अयोध्या से इतर बस्ती जनपद के मखोड़ा धाम सहित 84 कोसी परिक्रमा के भीतर आने वाले कई स्थानों पर दीप जलेंगे.  मखौड़ा धाम वही स्थान है यहां महाराज दशरथ ने पुत्रेष्ट यज्ञ कराया था. जिसके बाद राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न का महाराज दशरथ के घर जन्म हुआ था.  

दीपोत्सव के पीछे लाखों बच्चों की निस्वार्थ मेहनत

अयोध्या में चाहे राम की पैड़ी हो या फिर राम जन्मभूमि परिसर, जब दीपकों की रोशनी यहां नजर आएगी. तब कई बच्चों के चेहरों पर एक खुशी भी दिखाई देगी, दरअसल, ये वही बच्चे हैं जिन्‍होंने इस दीपोत्‍सव के लिए बहुत कठिन मेहनत की है. दीपोत्सव में इस बार 45 स्वयं सेवी सहायता के लोगो के अलावा 15 महाविद्यालय , 5 कॉलेज , 35 राम मनोहर लोहिया अवध यूनिवर्सिटी की अलग-अलग फैकल्टी के छात्र-छात्राएं वॉलिंटियर के रूप में अपना योगदान दे रहे हैं. इनकी कुल संख्या 12 हजार के करीब है. ये सभी दीपकों को जलाने के लिए 36,000 लीटर सरसों के तेल का उपयोग करेंगे. इन्‍हें 32 टीमों में अलग अलग किया गया है. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के प्रोफेसर शैलेंद्र वर्मा को इसका नोडल अधिकारी बनाया गया है.

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