Saturday, December 3

पेन्शनर फेडरेशन की बैठक में धारा 49 को हटाने मंत्रालय का घेराव करने का निर्णय

पेन्शनर फेडरेशन की बैठक में धारा 49 को हटाने मंत्रालय का घेराव करने का निर्णय


रायपुर
छत्तीसगढ़ राज्य संयुक्त पेन्शनर फेडरेशन की बैठक सोमवार 8 नवम्बर  को राज्य कर्मचारी संघ प्रदेश कार्यालय में पेंशनर फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। बैठक मध्यप्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम 2000 के तहत मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच पेंशनरी आर्थिक दायित्वों के बटवारा करने हेतु धारा 49 को विलोपित कराने मंत्रालय के समक्ष प्रदर्शन कर घेराव करने का प्रस्ताव पारित किया गया है। जिसकी तिथि वित्त सचिव से उनके आमंत्रण आगामी 15 नवम्बर के बाद होने वाली बैठक के बाद तय की जाएगी।

इस बैठक में छत्तीसगढ़ पेंशनधारी कल्याण संघ ने भी पेन्शनर फेडरेशन में शामिल होने का निर्णय लिया। इस तरह अब तक पेन्शनर फेडरेशन में राज्य के पांच संगठन पेंशनरों के समस्याओं के निदान के लिये एकजुट हो चुके हैं। इस महत्वपूर्ण बैठक में पेंशनधारी कल्याण संघ के प्रांताध्यक्ष डॉ डी पी मनहर, पेंशनर्स एसोसिएशन के प्रांताध्यक्ष यशवन्त देवान, प्रगतिशील पेन्शनर कल्याण संघ के प्रांताध्यक्ष आर पी शर्मा, भारतीय पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष जयप्रकाश मिश्रा आदि उपस्थित थे।

बैठक में दोनों राज्यों के सहमति को लेकर महंगाई राहत भत्ता में 21 वर्षो से रोड़ा बने मध्यप्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम 2000 की धारा 49 को  हटाने,पेंशनर्स के हित मे जारी हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कार्यवाही करने,पारिवारिक पेंशन- नियमित पेन्शन,एंटीसिपेटरी पेंशन समय पर देने,दिवंगत कर्मचारियों के परिजनों को अनुकम्पा नियुक्ति देने तथा पेंशनरों की लंबित मामलों को लेकर हाईकोर्ट बिलासपुर में चीफ जस्टिस को ज्ञापन देकर जनहित याचिका दायर करने आदि पर विस्तार से चर्चा की गई और पेन्शनर फेडरेशन की ओर से मुख्य सचिव और वित्त सचिव से प्रत्यक्ष भेंट कर ज्ञापन देने का निर्णय लिया गया।

पांच पेंशनर संघो के प्रांताध्यक्ष ने आगामी 5 दिसम्बर को जबलपुर मध्यप्रदेश में आयोजित छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के सँयुक्त सम्मेलन में भाग लेने पर सहमति जाहिर किया और प्रत्येक संगठन के प्रतिनिधियों की संख्या अपने अपने हिसाब तय करने और इससे छत्तीसगढ़ पेंशनर फेडरेशन के माध्यम से मध्यप्रदेश को अवगत कराने का फैसला किया गया।

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