Thursday, July 25

महतारी दुलार से बेसहारा बच्चों को मिला सहारा

महतारी दुलार से बेसहारा बच्चों को मिला सहारा


रायपुर
महतारी दुलार योजना, कोरोना महामारी  की मार झेल रहे शोकाकुल परिवारों के लिए सहारा बनकर आई है। कई परिवारों के बेसहारा हुए बच्चों के लिए यह योजना आर्थिक सहारा बनी है। राज्य के हजारों बच्चों की शिक्षा में आने वाली आर्थिक बाधा को दूर करने की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल  के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने उठायी है। ये बच्चे अब स्कूलों में अपनी पढ़ाई सुचारू रूप से जारी रखते हुए अपने उज्जवल भविष्य की ओर कदम बढ़ा रहे है।

राज्य में बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा प्रदान करने के लिए सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। ताकि वे बिना किसी परेशानी की अपनी पढ़ाई पूरी कर सके। कोविड महामारी के कारण कई घरों में माता या पिता या दोनों की ही मृत्यु हो गई है। परिवार के मुख्य सदस्य की मृत्यु से बच्चों का जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। जिन बच्चों ने अपने माता पिता को कोविड महामारी के कारण खो दिया, उन बच्चों के आगे की पढ़ाई के लिए राज्य सरकार ने महतारी दुलार योजना की शुरूआत की है।

योजनांतर्गत सरकारी और निजी स्कूलों के बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा के साथ-साथ छात्रवृत्ति भी प्रदान की जा रही है। कक्षा 1 से  8 तक के बच्चों को 500 रूपए प्रतिमाह एवं कक्षा 9 से 12 तक के बच्चों को प्रतिमाह 1000 रूपए छात्रवृत्ति दी जा रही है। इसके अलावा निजी स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों की फीस भी राज्य सरकार द्वारा वहन किया जा रहा है। इसमें बच्चा निजी स्कूलों में अथवा सरकार द्वारा संचालित स्वामी आत्मांनद उत्कृष्ट इंग्लिश मीडियम स्कूल दाखिला ले सकता है। योजना के प्रावधान अनुसार स्कूल शिक्षा के बाद उच्च शिक्षा हेतु उन्हेंं प्रोत्साहन दिया जाएगा। होनहार छात्रों को व्यवसायिक पाठयक्रम में प्रवेश लेने हेतु कोचिंग की सुविधा भी दी जाएगी।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *