Wednesday, December 7

ग्रामीण स्ट्रीट वेंडर्स को अनुदान, 22 मार्च तक देसी शराब की बिक्री व्यवस्था यथावत

ग्रामीण स्ट्रीट वेंडर्स को अनुदान,  22 मार्च  तक देसी शराब की बिक्री व्यवस्था यथावत


भोपाल
प्रदेश में ग्रामीण पथ विक्रेताओं को कोरोना के दौरान आजीविका प्रभावित होने पर अनुदान दिया जाएगा। वहीं देसी शराब की मौजूदा विक्रय व्यवस्था अब मार्च 2022 तक लागू रहेगी। इन प्रस्तावों पर कैबिनेट में चर्चा के बाद मंजूरी दी गई।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में आज प्रदेश में देसी शराब की मौजूदा बिक्री व्यवस्था को 5 नवंबर 2021 तक चार माह तक आगे बढ़ाए जाने के निर्णय का अनुसमर्थन करते हुए इस व्यवस्था को अगले साल 31 मार्च तक जारी रखने का निर्णय लिया गया। पुरानी व्यवस्था के अनुसार देसी मसाला मदिरा कांच में 569.71 रुपए प्रति पेटी और पैट बोतलों में 555.79 रुपए प्रति पेटी थी। प्लेन में कांच 510.75 और पैट में 471.75 रुपए प्रति पेटी दर थी। 180 एमएल की प्लेन 75 रुपए और मसाला 110 रुपए की आती थी। इसमें से देसी शराब की मात्रा घटाते हुए पैकिंग व्यवस्था 90 एमएल प्लेन 38 रुपए और मसाला 55 रुपए कर दी गई थी। इसी मात्रा में शराब 31 मार्च 2022 तक बिकती रहेगी। यह व्यवस्था प्रदेश की तीन हजार से अधिक देसी शराब दुकानों पर लागू होगी। आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत गठित कार्यकारिणी समिति द्वारा कोविड 19 के लिए संक्रमण की रोकथाम के लिए मुख्यमंत्री सहायता कोष से दी गई राशि का अनुसमर्थन भी कैबिनेट में किया गया। वित्तीय वर्ष 21-22 में विभाग द्वारा कोरोना उपचार एवं प्रबंधन के लिए वित्त का नया मद गठित किया गया।

कैबिनेट बैठक में इन मुद्दों पर भी हुई चर्चा
जैविक कृषि अनुसमर्थन कार्यक्रम नवीन योजना के तहत 38 करोड़ रुपए की राशि की स्वीकृति देने पर चर्चा की गई। नीमच में वन स्टॉप सेंटर भवन निर्माण के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग को जमीन आवंटित करने पर भी चर्चा की गई।  राज्यपाल की निजी स्थापना में सांख्येत्तर पद निर्मित करते हुए डॉ. दक्षेस आर ठाकर की संविदा नियुक्ति दिए जाने पर भी चर्चा की गई। सेवानिवृत्त जिला सत्र न्यायाधीश राजेन्द्र कुमार सिंह को लोकायुक्त में विधि सलाहकार के रूप में संविदा नियुक्ति दिए जाने पर भी चर्चा की गई। मध्यप्रदेश काष्ट चिरान विनियमन अधिनियम में संशोधन करने पर भी चर्चा की गई। दीनदयाल राय एवं अन्य विरुद्ध प्रमुख सचिव महिला बाल विकास के न्यायालयीन अवमानना प्रकरण के अनुपालन में समाज कल्याण बोर्ड मुख्यालय एवं परियोजना के कर्मचारियों को पेंशन एवं ग्रेच्युइटी की सुविधा प्रदान करने के लिए भी कैबिनेट में चर्चा की गई।

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