Saturday, December 3

हिमाचल का पेट्रोल पंजाब के सीमावर्ती जिलों में कैन में बिक रहा, दामों में भारी अंतर से तस्करी में तेजी

हिमाचल का पेट्रोल पंजाब के सीमावर्ती जिलों में कैन में बिक रहा, दामों में भारी अंतर से तस्करी में तेजी


जालंधर
पंजाब में पेट्रोल-डीजल वैट दरों में कटौती में देरी सीमावर्ती जिलों में तेल की तस्करी तेज हो गई है। दो दिन से पंजाब में हिमाचल प्रदेश एवं केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ की तुलना में 12 रुपये प्रति लीटर के लगभग पेट्रोल और लगभग 17 रुपये प्रति लीटर महंगा डीजल बिक रहा है। यह पड़ोसी राज्यों से तेल की तस्करी को बढ़ावा दे रहा है। राजस्थान में हिमाचल और चंडीगढ़ की तुलना में पंजाब में पेट्रोल और डीजल की दरें 20 रुपये प्रति लीटर महंगी है। यही वजह है कि हिमाचल और चंडीगढ़ से पंजाब के रास्ते राजस्थान तक तेल की तस्करी लगातार हो रही है। बता दें कि हिमाचल में पेट्रोल करीब 94 रुपये और डीजल 78.75 प्रति रुपये लीटर है जबकि पंजाब में लगभग 105 रुपये और डीजल लगभग 89 रुपये प्रति लीटर है। 

सूत्रों की ओर से तेल के बड़े तस्करों की ओर से टैंकरों में भरकर पेट्रोल डीजल एक राज्य से दूसरे राज्य में पहुंचाया जा रहा है। पंजाब के सीमांत क्षेत्र में स्थित छोटे-छोटे गांव के लोग केंद्रों में भरकर पेट्रोल और डीजल हिमाचल से ला रहे हैं और धड़ल्ले से प्रति लीटर 12 रुपये तक का मुनाफा कमा रहे हैं। दीवाली से ठीक एक दिन पहले केंद्र सरकार की तरफ से पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर वसूली जाने वाली एक्साइज ड्यूटी में कमी कर दी गई थी, जिसके बाद भाजपा शासित हरियाणा, हिमाचल प्रदेश समेत जम्मू कश्मीर एवं चंडीगढ़ में भी तेल की बिक्री पर वसूले जाने वाले वैट की दरों मैं कटौती कर दी गई थी। पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन पंजाब (पीपीडीएपी) के प्रवक्ता मोंटी गुरमीत सहगल ने कहा है कि यह तो पंजाब सरकार की गलत नीति है कि लोगों को महंगे दामों पर पेट्रोल-डीजल खरीदना पड़ रहा है। केंद्र समेत पड़ोसी राज्य तेल की बिक्री पर वसूले जाने वाली एक्साइज एवं वैट को कम कर चुके हैं। बावजूद इसके पंजाब एक बार फिर से तेल के खेल में फंसा हुआ है। सरकार यह समझ ही नहीं रही है कि तेल की तस्करी से राज्य को बड़े राजस्व का नुकसान हो रहा है। बिक्री पड़ोसी राज्य में हो रही है और उन्हीं राज्यों को टैक्स मिल रहा है। अगर सरकार पंजाब में वैट की दरों को कम कर दे तो लोगों को राहत मिलेगी। प्रदेश में तेल की बिक्री बढ़ेगी। राजस्व में वृद्धि होगी और पेट्रोलियम डीलर्स भी राहत महसूस करेंगे।
 

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