Wednesday, July 24

शहीद कबीर की पार्थिव देह छिंदवाड़ा लाई गई, अंतिम विदा देने उमड़ा जनसैलाब

शहीद कबीर की पार्थिव देह छिंदवाड़ा लाई गई, अंतिम विदा देने उमड़ा जनसैलाब


छिंदवाड़ा

जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमले में शहीद हुए जवान कबीर दास उईके की पार्थिव देह आज छिंदवाड़ा लाई गई। पैतृक गांव पुलपुलडोह में उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। सीआरपीएफ जवानों ने सलामी दी। कबीर की अंतिम यात्रा के दर्शन करने के लिए लोग घरों से निकले।

शहीद की पार्थिव देह पहले हवाई मार्ग से गुरुवार सुबह नागपुर लाई गई। यहां से सड़क मार्ग से पुलपुलडोह (मरजातपुर) लाई लाई गई। अंतिम संस्कार के समय सीआरपीएफ के आईजी सुखबीर सिंह सोढी और डीआईजी नीतू सिंह भी मौजूद रहीं। वही, छिंदवाड़ा कलेक्टर शीलेंद्र सिंह और एसपी मनीष खत्री भी मौजूद थे।

मंगलवार रात 8 बजे जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के हीरानगर स्थित सैदा सुखल गांव में आतंकी हमला हुआ था। सीआरपीएफ के कॉन्स्टेबल कबीर दास गोली लगने से घायल हो गए थे। बुधवार सुबह इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली थी।

शहीद की अंतिम विदाई में उमड़ा जनसैलाब

पहले शहीद का पार्थिव शरीर हवाई मार्ग के जरिए नागपुर लाया गया। इसके बाद यहां से सड़क मार्ग से पैतृक गांव पुलपुलडोह लाया गया। शहीद कबीर दास उईके की अंतिम विदाई में जनसैलाब उमड़ पड़ा। बड़ी संख्या में लोगों ने शहीद के पार्थिव शरीर पर फूल बरसा कर श्रद्धांजलि अर्पित की। चौरई के पूर्व विधायक पंडित रमेश दुबे ने भी श्रद्धा सुमन अर्पित किए। वहीं, मध्य प्रदेश की पीएचई मंत्री संपतिया उइके शहीद के घर पहुंचीं। अंतिम संस्कार के समय CRPF के IG सुखबीर सिंह सोढी और DIG नीतू सिंह, छिंदवाडा कलेक्टर शीलेंद्र सिंह, SP मनीष खत्री मौजूद रहे।मंगलवार (11 जून) रात 8 बजे कठुआ के हीरानगर स्थित सैदा सुखल गांव में हुए आतंकी हमले में CRPF के कॉन्स्टेबल कबीर दास उईके गोली लगने से घायल हो गए थे। जिसके बाद बुधवार (12 जून) सुबह इलाज के दौरान कबीर का निधन हो गया।

2011 में जॉइन की थी सीआरपीएफ

छिंदवाड़ा की बिछुआ तहसील के पुलपुलडोह के रहने वाले 35 साल के कबीर दास उईके ने 2011 में सीआरपीएफ जॉइन की थी। साल 2021 में उनकी शादी हुई थी। परिवार में मां इंदरवति उईके, पत्नी ममता उईके और छोटा भाई है। पिता का निधन हो चुका है और दो बहनों की शादी हो चुकी है।

उनका अंतिम संस्कार गुरुवार को पैतृक गांव पुलपुलडोह में होगा। विशेष वाहन से शव नागपुर से गांव लाया जाएगा। जानकारी के मुताबिक, 8 दिन पहले ही 20 दिन की छुट्‌टी के बाद वे ड्यूटी पर लौटे थे। उनकी पोस्टिंग भोपाल में होने वाली थी।
परिवार से मिलने पहुंचे सांसद-महापौर

छिंदवाड़ा सांसद विवेक बंटी साहू और महापौर विक्रम अहाके शहीद के घर पहुंचे। परिवार को ढांढस बंधाया।

कठुआ और डोडो में आतंकी हमले

जम्मू-कश्मीर के डोडा और कठुआ जिले में आतंकवादी विरोधी अभियानों में सेना के पांच जवान और राज्य पुलिस का एक विशेष पुलिस अधिकारी (एसपीओ) घायल हो गए, जबकि एक अलग मुठभेड़ में घायल हुए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) का एक जवान शहीद हो गया। पुलिस अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि चत्तरगला इलाके या डोडा जिले में मंगलवार देर रात आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच गोलीबारी हुई।

उन्होंने कहा, रात करीब पौने दो बजे सेना और पुलिस डोडा जिले के भद्रवाह के चत्तरगला इलाके में आतंकवादियों से मुठभेड़ हो गई। गोलीबारी में सेना के पांच जवान और एक एसपीओ गोली लगने से घायल हो गए, उन्हें तुरंत बाहर निकाला गया और इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।

इस बीच कठुआ जिले के कूटा मोड़ पर सैदा सुखल गांव में चल रहे एक अन्य अभियान में सीआरपीएफ के जवान को गोली लग गई और बुधवार सुबह उसकी मौत हो गई। शहीद सीआरपीएफ कर्मियों की पहचान कांस्टेबल जी डी कबीर दास के रूप में की गई। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, हीरानगर के सोहल गांव के 45 वर्षीय नागरिक ओंकार को भी आतंकवादियों द्वारा गोली चलाने से बाएं हाथ में चोट लग गई। उसे सरकारी मेडिकल कॉलेज, कठुआ में भर्ती कराया गया। फिलहाल एक आतंकवादी को मारा गया है जबकि दूसरे आतंकवादी को पकड़ने के लिए क्षेत्र में बड़े पैमाने पर तलाशी की जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार आतंकवादियों की संख्या दो थी।

9 जून को बस पर की थी फायरिंग

इससे पहले, रविवार 9 जून की शाम सवा 6 बजे रियासी में आतंकियों ने श्रद्धालुओं को लेकर वैष्णोदेवी जा रही बस पर हमला कर दिया था। इसमें 10 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 41 लोग घायल हो गए थे।

बस शिव खोड़ी से कटरा जा रही थी। उसी दौरान कंदा इलाके में बस के मोड़ पर आते ही आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी। हमले में ड्राइवर घायल हो गया और बस अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। बस के खाई में गिरने से पहले आतंकियों ने 25 से 30 गोलियां चलाई थीं।

आतंकी हमले में गंभीर रूप से हो गए थे घायल

दरअसल मंगलवार को हुए एक आंतकी 'हमले' में सीआरपीएफ कांस्टेबल कबीरदास उइघे गंभीर रूप से घायल हो गए थे. जिसके बाद बुधवार की सुबह उनके शहीद होने की खबर सामने आई थी. शहीद सीआरपीएफ जवान उइघे मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के रहने वाले थे.  
करीब 8 दिन पहले आए थे छिंदवाड़ा

जम्मू कश्मीर में आतंकवादी हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ जवान कबीरदास उइके की मां ने एनडीटीवी को बताया कि शहीद उइघे करीब 8 दिन पहले ही छिंदवाड़ा आए थे और जल्द ही उनका ट्रांसफर भोपाल होने वाला था. बता दें, कठुआ जिले में एक मुठभेड़ में 1 आतंकी भी मारा गया और उसके पास से भारी गोला-बारूद बरामद किया गया.

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *