Friday, December 9

विदेशी ई कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ देश भर में तेज होगा आंदोलन

विदेशी ई कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ देश भर में तेज होगा आंदोलन


रायपुर। देश में आॅनलाइन के जरिये ही खरीदारी करने के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की विज्ञापन वीडियो को कॉन्फेडरेशन आॅफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने देश के व्यापारियों एवं रिटेल व्यापार के लिए बेहद आपत्तिजनक करार देते हुए कैट ने कड़ा विरोध दर्ज किया था जिसको देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने वह विवादस्पद विज्ञापन वीडियो वापिस ले लिया है। कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री अमर पारवानी एवं प्रदेश अध्यक्ष  श्री जितेन्द्र दोशी ने स्वागत करते हुए कहा की इसी प्रकार केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों को इसका संज्ञान लेते हुए सरकारी स्तर पर विदेशी ई कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ नियमों एवं कानूनों का लगातार उल्लंघन किये जाने पर तुरंत कार्यवाही की जानी चाहिए।

श्री पारवानी एवं श्री दोशी ने बताया की केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने गत 20 अक्टूबर को ट्विटर एवं अन्य प्रचार माध्यमों के जरिये एक वीडियो जारी किया जिसमें लोगों से कोरोना से बचने के लिए आॅनलाइन शॉपिंग ही करने की सलाह दी गई थी जिसका देश भर के व्यापारियों ने पुरजोर विरोध किया और कहा की केंद्र सरकार का यह विज्ञापन सीधे तौर पर देश के आॅफलाइन व्यापार के खिलाफ है। इसी क्रम में कैट ने 20 अक्टूबर को ही श्री मनसुख मांडविया को एक विरोध पत्र भेजकर उक्त  विज्ञापन को वापिस लेने की मांग की थी। यही नहीं कैट ने 23 अक्टूबर को इस विज्ञापन के विरोध में कहा की जब सरकार ही देश के आॅफलाइन व्यापार के खिलाफ काम कर रही है, ऐसे में देश भर के व्यापारी भी आने वाले चुनावों में आॅनलाइन के जरिये वोट देंगे यदि यह सुविधा उपलब्ध हो तो अन्यथा वोट नहीं देंगे। देश भर में इसका व्यापक असर हुआ और जिसको देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय को उक्त  विज्ञापन वापिस लेना पड़ा।
श्री पारवानी एवं श्री दोशी ने कहा की देश के व्यापारी ई कॉमर्स के खिलाफ नहीं है किन्तु जिस प्रकार से अमेज?, फ्लिपकार्ट एवं अन्य विदेशी कंपनियां ई कॉमर्स के नियम एवं कानूनों का उल्लंघन कर रहे हैं और उनके खिलाफ आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है , इसलिए व्यापारी बेहद क्षुब्ध हैं और अब किसी भी हालत में भारत के व्यापार में विदेशी कंपनियों की दादागिरी नहीं चलने दी जायेगी। उन्होने यह भी बताया की इस मुद्दे तथा व्यापार से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर कैट भी पूरी तरह से वोटों की राजनीति करेगा और सभी राजनैतिक दलों से उन मुद्दों पर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग करेगा।

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