Tuesday, November 29

दो विभागों के बीच लापरवाही, एमपीटी का नया भवन बदहाल होकर हो गया खंडहर

दो विभागों के बीच लापरवाही, एमपीटी का नया भवन बदहाल होकर हो गया खंडहर


भोपाल
शासकीय धन की बर्बादी किस स्तर पर होती है। इस बात का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि लोक निर्माण (पीडब्ल्यूडी) विभाग एक बिल्डिंग बनाता है और मध्यप्रदेश टूरिज्म (एमपीटी) उसे आठ साल तक पजेशन नहीं लेता है। जिसके चलते लाखों की बिल्डिंग खंडहर में तब्दील हो जाती है। दो विभागों के बीच लापरवाही का यह उदाहरण देखने को मिल रहा है पर्यटन क्षेत्र तामिया में। मध्यप्रदेश शासन ने तामिया को विशेष पर्यटन स्थल घोषित किया है।

ये है पूरा मामला
दरअसल, तामिया में बना एमपीटी का इंटरप्रिटेशन सेंटर आठ साल से बनकर पर्यटकों का इंतजार कर रहा है। प्रशासनिक देखरेख के अभाव मे एमपीटी का यह नया भवन बदहाल होकर खंडहर में तब्दील हो गया है। पीडब्ल्यूडी विभाग दो साल से भवन देने के लिए बात कर रहा है लेकिन दो विभागों में तालमेल की कमी से लाखों की लागत से निर्मित भवन का संचालन अटका हुआ है।

मरम्मत की आ गई नौबत
हालात यह है कि अब इस भवन में मरम्मत की नौबत आ गई है, बीते सालों से ना पुताई हुई है ना ही इसकी देखरेख करने वाला कोई है। इसके खिड़की दरवाजे खराब हुए है। पर्यटन विकास के लिए बिना योजना लाखों के सरकारी खर्च पर सवाल खड़े हो रहे है। तामिया में 2013 टूरिस्ट मोटल के साथ-साथ निर्मित इस भवन को निर्माण के बाद पीडब्ल्यूडी को अनेको बार पत्राचार कर चुका है। पांच साल तक जिला कलेक्टर के हस्तक्षेप के बाद भी नव निर्मित भवन का एमपीटी ने पजेशन नहीं लिया है।

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