Friday, December 9

खंडवा में कम मतदान से जीत-हार का अंतर रहेगा कम

खंडवा में कम मतदान से जीत-हार का अंतर रहेगा कम


भोपाल। खंडवा लोकसभा में मतदान कम होने से जीत-हार का अंतर भी अब कम रहने के आसार बन गए हैं। पिछले लोकसभा चुनाव की तुलना में उपचुनाव में करीब दो लाख वोट कम पड़े हैं। मतदान कम होने की स्थिति में अब जीत-हार का अंतर भी कम हो सकता है।
लोकसभा के 2019 में हुए चुनाव में यहां से कांग्रेस उम्मीदवार अरुण यादव दो लाख 73 हजार 343 वोट से भाजपा के नंद कुमार सिंह चौहान से हारे थे। उस दौरान यहां पर 77 प्रतिशत के लगभग मतदान हुआ था। उस चुनाव में यहां पर 19 लाख आठ हजार 390 मतदाता थे, जिनमें से 14 लाख 69 हजार 460 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया था।

इस बार यहां पर मतदाता बढ़कर 19 लाख 68 हजार 123 हो गए हैं, लेकिन मतदान प्रतिशत 63.88 पर सिमट गया। यहां पर 12 लाख 57 हजार के करीब मतदाताओं ने मत डाला। यानी पिछले चुनाव की तुलना में दो लाख के लगभग कम वोट पड़े। ऐसे में यह माना जा रहा है कि जीत-हार किसी भी दल की हो, लेकिन पिछले चुनाव की तरह इतना बड़े अंतर से जीत-हार इस उपचुनाव में नहीं होगी।

खंडवा विधानसभा में हुआ सबसे कम मतदान
खंडवा लोकसभा में आठ विधानसभा क्षेत्र आते हैं। खंडवा विधानसभा में ही सबसे कम मतदान हुआ। यहां पर 54.39 प्रतिशत मतदान हुआ। इसके बाद बड़वाह में भी 60.1 प्रतिशत, मांधात में 63.74, भिकनगांव में 64, बुरहानपुर में 64.34, पंधाना में 67.12, बागली में 67.7 और नेपानगर में 69.72 प्रतिशत मतदान हुआ।

वोट डले ज्यादा प्रतिशत फिर भी रहा कम
इधर पृथ्वीपुर में विधानसभा के पिछले चुनाव की तुलना में इस उपचुनाव में वोट ज्यादा डाले गए, इसके बाद भी मतदान प्रतिशत कम हो गया। यहां पर इस बार पिछले चुनाव की तुलना में 6143 वोट ज्यादा डाले गए, लेकिन प्रतिशत में 1.37 कम वोट डले। पृथ्वीपुर में वर्ष 2018 के चुनाव में 79.51 प्रतिशत मतदान हुआ था, जबकि इस बार 78.14 प्रतिशत मतदान हुआ। पिछले बार यहां पर 1 लाख 48 हजार 310 लोगों ने मताधिकार का उपयोग किया था। इस बार 1 लाख 54 हजार 453 लोगों ने वोट डाले।

 

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