Saturday, December 3

दस जिलों की पंचायतों में मुख्यालय के निर्देशों का नहीं हो रहा पालन

दस जिलों की पंचायतों में मुख्यालय के निर्देशों का नहीं हो रहा पालन


भोपाल
प्रदेश के दस जिलों की पंचायतों में मुख्यालय के निर्देशों का पालन नहीं हो रहा है। यहां की पंचायतों के कामों का सामाजिक अंकेक्षण अभी तक शुरु नहीं किया गया है। इसको लेकर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव ने नाराजगी जाहिर की है।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक प्रदेश के जबलपुर, मंडला, पन्ना, सतना, शहडोल, सिंगरौली, अनूपपुर, बालाघाट, हरदा, खरगौन, और सिंगरौली में अब तक सामाजिक अंकेक्षण की कार्यवाही शुरु नहीं हो पाई है। राज्य शासन ने सभी जिलों को निर्देश दिए है कि पंचायतों में होंने वाले मनरेगा के काम और अन्य योजनाओं में कराए जा रहे कामों का सामाजिक अंकेक्षण कराया जाए। इसमें क्षेत्रीय ग्रामीणों को भी शामिल किया जाए। ताकि योजनाओं पर हो रहे खर्च की मानीटरिंग हो सके और इसमें होने वाली अनियमितताओं पर शिकंजा कसा जा सके। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव ने इन दस जिलों के अफसरों पर नाराजगी जाहिर की है। सभी जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को कहा है कि जिलों में सामाजिक अंकेक्षण की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाए। सभी जिलों को मनरेगा पोर्टल पर भी तत्काल एमआईएस फीड करना है।

इन कामों का होता है सामाजिक अंकेक्षण
पंचायतों में मनरेगा के तहत कराए जाने वाले काम, सड़क, नाली, सामुदायिक भवन, अपशिष्ट प्रबंधन, जलाशय निर्माण, नहर, पौधरोपण सहित तरह-तरह के काम कराए जाते है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में पीएम आवास योजना, नल-जल योजना के काम भी कराए जाते है। अक्सर शिकायत आती है कि राशि खर्च हो गई लेकिन काम नहीं हुआ। कई बार गुणवत्ताहीन काम कराए जाने की शिकायतें आती है। आवंटित राशि पूरी तरह खर्च नहीं किए जाने की शिकायतें भी आती है। राज्य सरकार ने पंचायतों का सोशल आॅडिट इसीलिए शुरू किया है ताकि ग्रामीण अंचलों में राशि का पूरा उपयोग हो सके और गुणवततापूर्ण काम भी हो सके।

छतरपुर, खरगौन के जिला समन्वयक निलंबित
छतरपुर और खरगौन के लिजा समन्वयक सामाजिक अंकेक्षण को निलंबित करने की कार्यवाही करने के निर्देश भी प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव ने दिए है। वर्ष 2014-15 से 2021 तक दुरुपयोग की गई राशि के विरुद्ध शेष लंबित वसूली का निराकरण करके वास्तविक वसूली की जानकारी सभी जिला पंचायत एवं जिला समन्वयक मनरेगा  पोर्टल पर एमआईएस फीड की जाए।

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