सीहोर
केमिकल के प्रयोग से रुपयों को पांच गुना करने का लालच देकर ठगी करने वाले को शराब पिलाकर पीटने के बाद अधमरा कर रेलवे ट्रेक पर फेंकने के बाद पुलिस को गुहराह करने के मामले की कोतवाली पुलिस ने गुत्थी सुलझा ली है। पुलिस ने इस घटना को अंजाम देने वाले सभी पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने बताया कि 15 फरवरी 2022 को लसुड़िया परिहार के पास रेलवे ट्रेक पर मिले अज्ञात शव की शिनाख्त कोतवाली सीहोर ने इरफान खान पिता हबीब खान निवासी ईटखेड़ा थाना बिलकिसगंज सीहोर के रूप में हुई थी। पुलिस जांच में सामने आया कि इरफान खान केमिकल के प्रयोग से नोट बनाने का दावा कर व्यक्तियों को उनके रुपए पांच गुना करने का लालच देकर धोखाधड़ी किया करता था। जिसका शिकार पिन्टू उर्फ पिंकेश पिता कालूराम जाटव उम्र 22 साल निवासी सिकंदराबाद थाना रातीबड़ भोपाल भी हुआ था, जिसे उसके दोस्त वीर सिंह पिता नर्बदा सिंह जांगड़ा उम्र 45 साल निवासी बरखेड़ी खुर्द थाना रातीबड़ भोपाल ने पिंकेश से मिलाया था और इरफान ने पांच गुनी रकम करने की बात बताई थी। लालच में आकर पिंकेश ने अपनी कार गिरवी रखकर एक लाख रूपए का इंतजाम कर इरफान को इसके पांच गुना करने के लिए करीब एक माह पहले दिए थे। इरफान ने पिंकेश को वीर सिंह के सामने अपने घर पर हाथ की सफाई से किसी केमिकल और एक कांच की शीट का इस्तेमाल कर कुछ रुपए बनाकर देने का स्वांग भी किया था और इसी दौरान कांच टूट जाने का बहाना कर और रुपए न बन पाने की बात कही थी। साथ ही उसे बताया कि ये कांच बहुत महंगा आता है, जिसे बाहर से बुलाना पड़ता है। जब तक दूसरा कांच नहीं आ जाता तब तक और रुपए नहीं बन सकते। इसके लिए पचास हजार रुपये का और इंतजाम करना पड़ेगा। पिंकेश ने कई बार इरफान से गुहार की कि या तो वह उसके एक लाख रुपए के पांच गुना करके उसे दे दे या तो उसकी मूल रकम उसे वापस कर दे, पर इरफान लगातार टालमटोल करता रहा। इन बातों से परेशान पिंकेश ने वीर सिंह के साथ मिलकर इरफान को सबक सिखाने की योजना बनाई।
पहले शराब पिलाई फिर लाठी_डंडों से पीटा
इरफान का भाई भोपाल की एक अस्पताल में दुर्घटना में घायल होकर इलाजरत था, जिसे 14 फरवरी को अस्पताल से डिस्चार्ज होना था, जिसे डिस्चार्ज कराने इरफान 14 तारीख को भोपाल गया था और उसी दिन पिंकेश और वीर सिंह ने चुनकर इरफान को बिलकिसगंज बुलाया, जहां तीनों ने शराब पी और पिंकेश ने इरफान को राजी किया कि वह उसके पैसे वापस करने का एक लिखित में इकरारनामा करे। इसके लिए पिंकेश उसे वीर सिंह के साथ अपनी कार में लेकर अपने पिता के ग्राम पड़ली व बिजलौन के बीच स्थित खेत में बनी एक झोपड़ी में ले गया और वहीं से फोन करके अपने भाई राहुल और ग्राम छोटी झागरिया थाना रातीबड़ भोपाल निवासी अपने दोस्तों राहुल सूर्यवंशी पिता नारायण और अर्जुन सूर्यवंशी पिता रामलाल को भी वहीं बुला लिया। जहां सभी ने फिर से शराब पी और पिंकेश और वीर सिंह ने मिलकर लाठियों से इरफान को बेतहाशा मारा, जिससे उसे सिर पर आई चोटों के कारण वह बेहोश हो गया। उसके बाद सबूत मिटाने की नीयत से पांचों ने उसे पिंकेश की आई 20 कार एमपी_04 CQ_4288 की डिक्की में ड़ाला और जमनी पड़ली के रास्ते होकर उसे लसुड़िया परिहार जोड़ के पास, महाकाल ढाबा के पीछे स्थित सुनसान रेलवे ट्रेक पर फेंक दिया और इरफान की मोटरसायकल भी रेलवे ट्रेक के किनारे फेंक दी। जिससे किसी को उन पर शक न हो और घटना आत्महत्या प्रतीत हो।
पुलिस ने इन आरोपियों को किया गिफ्तार
वीरसिंह उर्फ वीरू पिता नरबद उम्र 46 साल निवासी नईबस्ती बरखेडी खुर्द थाना रातीबड भोपाल, पिंकेश उर्फ पिन्टू पिता कालूराम जाटव उम्र 27 साल निवासी नईबस्ती सिकंदराबाद थाना रातिबड, राहुल पिता कालूराम जाटव उम्र 31 साल निवासी नईबस्ती सिकंदराबाद थाना रातिबड़, राहुल सुर्यवंशी पिता नारायण सिंह सुर्यवंशी निवासी छोटा झागरिया रातीबड भोपाल, अर्जुन सुर्यवंशी पिता रामलाल सुर्यवंशी निवासी छोटा झागरिया रातिबड भोपाल को गिरफ्तार किया है।
एसपी करेंगे जांच दल को पुरस्कृत
खुलासे में सराहनीय भूमिका निभाने जांच में शामिल कोतवाली नगर निरीक्षक नलिन बुधौलिया, सहायक उप निरीक्षक एसएन वर्मा, सहायक उप निरीक्षक राजेश यादव, आरक्षक विक्रम रघुवंशी, आरक्षक महेंद्र मेवाडा, आरक्षक नेपाल, आरक्षक विष्णु भगवान को पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने पुरस्कृत करने घोषणा की है।
मृतक के मोबाइल को नर्मदा नदी में फेंक दिया
इरफान को रेलवे ट्रेक पर डालने के बाद पांचों आरोपी कार से आंवलीघाट पहुंचे, जहां रास्ते में उन्होंने मृतक के खून आलूदा कपड़े और कार की मेट जिस पर खून लगा था भाऊखेड़ी जोड़ के पास फेंक दी तथा मृतक का मोबाइल फोन आंवलीघाट पहुंचकर नर्मदा नदी में फेंक दिया। जिस समय आरोपियों ने इरफान को रेलवे ट्रेक पर डाला उस समय वह बेहोशी की हालत में था और जब सुबह लगभग 5.30 बजे राजकोट एक्सप्रेस उस ट्रेक से गुजरी तो उसकी चपेट में आने से इरफान की ट्रेन से कटने से मौत हो गई।
कोतवाली पुलिस ने किया अंधेकत्ल का खुलासा
घटना शुरुआत में ही संदिग्ध प्रतीत होने पर पुलिस अधीक्षक सीहोर मयंक अवस्थी ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक समीर यादव और नगर पुलिस अधीक्षक अर्चना अहीर के मार्गदर्शन में कोतवाली टीआई नलिन बुधौलिया के नेतृत्व में एक जांच दल का गठन किया। जिसने घटना की सूक्षमता से जांच कर घटना की वास्तविकता पता कर घटना के आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त आई 20 कार , लकड़ी के डंडे, मृतक के खून आलूदा कपड़े तथा कार की खून से सनी मेट जब्त कर ली है।

