नई दिल्ली
मैरिटल रेप से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। दरअसल, मैरिटल रेप मामले में सुनवाई को टालने के अनुरोध वाली केंद्र सरकार की याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया तो वहीं मैरिटल रेप को अपराध घोषित करने वाली याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित कर लिया। हाईकोर्ट अब इस मामले में अगली सुनवाई 2 मार्च को करेगा। माना जा रहा है कि उसी दिन फैसला भी आ सकता है।
सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान जस्टिस राजीव शकधर और जस्टिस सी हरि शंकर की बेंच ने कहा कि केंद्र का रुख एक "त्रिशंकु" जैसा है और कहा कि चल रहे मामलों में स्थगन की अनुमति नहीं दी जा सकती क्योंकि केंद्र सरकार द्वारा परामर्श समाप्त करने की कोई अंतिम तिथि नहीं है। आपको बता दें कि इस मामले में केंद्र सरकार का कहना है कि आईपीसी की धारा 376 के तहत आरोपी को सजा दिलाने के लिए कई प्रावधान हैं। जैसे- चोट के निशान, मारपीट, शरीर के अंगों को जबरन छूना, लेकिन वैवाहिक बलात्कार में इन सबूतों की पुष्टि करना मुश्किल होगा।

