Friday, January 16

शालीनता, गंभीरता , गरिमामय व्यवहार का आदर्श प्रतीक थीं रानी साहब

शालीनता, गंभीरता , गरिमामय  व्यवहार का आदर्श प्रतीक थीं रानी साहब


( अमिताभ पाण्डेय )
 भोपाल । ( अपनी खबर )

वरिष्ठ कांग्रेस नेता और राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह की धर्मपत्नी स्वर्गीय श्रीमती आशा सिंह की पुण्यतिथि पर आज उनका पुण्य स्मरण किया गया।
 श्रीमती सिंह को याद करते हुए उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए।  राघौगढ़ के साथ ही राजगढ़ जिले के अनेक  स्नेहीजनों के प्रति भी श्रीमती सिंह का गहरा स्नेहभाव  था । वे राघौगढ़ किले तक पहुंचने वाले लोगों से जब कभी मिलती तो बहुत स्नेहभाव से मिलती।  उनको प्रणाम करने वालो लोगों को आत्मीय  व्यवहार का अनुभव होता था ।

अपने शुभचिंतकों के बीच रानी साहब नाम से लोकप्रिय श्रीमती आशा सिंह राज परिवार की महिला होकर भी बड़ी विनम्र, सहज, सरल स्वभाव की धनी थी। उनके आशीर्वाद  से  उत्साह बढ़ता था । राघौगढ़ , भोपाल , दिल्ली में पिछले 25 वर्षों के दौरान  श्रद्धेय  राजा साहब से भेंट , मुलाकात करते हुए कई बार ऐसे मौके आए जब रानी साहब को भी प्रणाम करने का सौभाग्य मिला । उनका व्यक्तित्व गरिमा , शालीनता और संवेदनशीलता का प्रतीक था। उन्होंने कभी भी राजकाज में हस्तक्षेप नहीं किया।

 वह राजनीति की चमक-दमक से हमेशा दूर रहीं और गंभीर, स्नेहमयी व्यवहार  की प्रतिमूर्ति बनी रहीं। हमेशा प्रचार प्रसार से दूर रहने वाली और जरूरतमंदों की  मदद करने वाली रानी साहब कई बार अपने शुभचिंतकों के स्वास्थ्य की जानकारी लेने  लिए अस्पतालों में भी गई । शुभ प्रसंगों में भी  घर जाकर शुभचिंतकों को आशीर्वाद दिया।

मुझे भी उनसे आशीर्वाद लेने का सौभाग्य मिला है। रानी साहब ने कितने लोगों और परिवारों का भला किया इसका कोई हिसाब किताब नहीं है । ऐसा ही हाल राजा साहब का भी है ।
वो अब भी लगातार अपने चाहनेवालों की मदद करते रहते हैं। लोग रानी साहब की  उदारता , दयालुता और विनम्र स्वभाव को हमेशा याद रखेंगे । उनकी पुण्यतिथि पर हम उनका सादर स्मरण करते हैं।

( लेखक स्वतंत्र पत्रकार हैं।
संपर्क  :9424466269 )

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