गोरखपुर
बंपर लगन में सूट-शेरवानी के लिए दूल्हे राजा टेलरों की दुकानों का चक्कर लगा रहे हैं। तो वहीं दुल्हन के लहंगे और ब्लाउज को लेकर भी टेलरों की दुकानों पर मारामारी दिख रही है। चंद दिनों के लगन में अचानक बढ़ी मांग को देखते हुए टेलर समय से डिलिवरी के लिए साफ मना कर रहे हैं। वहीं चुनाव को देखते हुए नेताजी भी सदरी और कुर्ता-पैजामा सिलवाने के लिए परेशान दिख रहे हैं।
दुल्हा-दुल्हन के सूट-शेरवानी और लहंगे के लिए वैसे तो रेडीमेड में कई वैरायटी है लेकिन अभी ज्यादातर लोग सिलाई वाले कपड़े को ही तरजीह दे रहे हैं। अचानक बढ़ी मांग से टेलर भी परेशान है। मंगलम टॉवर में मटकू टेलर्स के प्रोपराइटर आफताब आलम का कहना है कि कारीगरों की संख्या बढ़ाने के बाद भी समय से डिलिवरी देना मुश्किल हो गया है। इस बार शुभ मुहूर्त काफी कम है। ऐसे में डिमांड काफी अधिक हो गई है। दिसम्बर की बुकिंग भी नहीं ले रहे हैं।
वहीं इस्माइल टेलर्स के प्रोपराइटर परवेज का कहना है कि कोरोना के चलते टली शादियां भी इसी सीजन में हो रही हैं। सामान्य से दोगुनी शादियां चुनिंदा मुहूर्त में हो रही हैं। दोगुनी क्षमता से सिलाई करने के बाद भी डिलिवरी देना मुश्किल हो रहा है। रेडीमेड का चलन बढ़ा है, लेकिन अभी भी बहुसंख्यक लोग सिले हुए कपड़े पर ही विश्वास करते हैं।

