Sunday, March 1

अब ओमिक्रोन का खतरा gmail पर भी

अब ओमिक्रोन का खतरा gmail पर भी


कोविड-19 का नया वेरिएंट ओमिक्रोन दुनिया भर में तेजी से फैल रहा है। अब इस वायरस ने जीमेल Gmail के खतरों को भी बढ़ावा दिया है। जहां दुनिया के कई देशों में यह अपना असर दिखा रहा है तो वहीं दूसरी ओर साइबर क्रिमिनल इस मौके को भी भुनाने से नहीं चूक रहे हैं। क्रिमिनल फेक ओमिक्रोन टेस्टिंग के साथ ईमेल के जरिए फिशिंग अटैक कर रहे हैं। यूके की सिक्योरिटी फर्म इंडिविजुअल प्रोटेक्शन सॉल्यूशंस (IPS) ने ईमेल फिशिंग अटैक की नई सीरीज के बारे में लोगों को सावधान किया है। इसमें बताया गया है कि ये फ्रॉड मौजूदा सरकारी प्रतिबंधों से बचाव के लिए नेशनल हेल्थ सर्विस (NHS) से ब्रिटेन के नागरिकों को फ्री में फेक PCR टेस्टिंग की पेशकश कर रहे हैं।

इस फेक ईमेल मैसेज में बताया गया है कि नई PCR टेस्टिंग ओमिक्रोन वेरिएंट की पहचान करेगी और लोगों को खुद को आइसोलेट किए बिना सुरक्षित और फ्री ट्रैवल की अनुमति देंगे। ईमेल यूजर्स ने बिना देरी के ओमिक्रोन PCR टेस्टिंग को बुक करने के लिए एक लिंक पर क्लिक करने के लिए कहा है। आपको बता दें कि कोरोना वायरस के नए वेरिएंट के लिए ऐसी कोई भी टेस्टिंग नहीं है। इस प्रकार के फिशिंग ईमेल सिर्फ आपकी निजी जानकारी के साथ-साथ बैंक डिटेल्स चुराने के लिए किए जा रहे हैं।

ईमेल में बाद में यूजर्स को रिसीवर्स को ओमिक्रोन PCR टेस्टिंग की रिक्वेस्ट करने के लिए लिंक पर क्लिक करने के लिए कहते हैं। जैसे ही कोई यूजर लिंक पर क्लिक करेगा तो उसके बाद आपसे नाम, एड्रेस और बैंक अकाउंट नंबर जैसी जानकारी दर्ज करने के लिए कहा जाएगा। इस स्कैम को बेहद खतरनाक के तौर पर बताया गया है, क्योंकि यह हेल्थ इमरजेंसी में लोगों का पैसा चुराने के लिए तैयार किया गया है। इस स्कैम को खतरनाक इसलिए बताया गया है, क्योंकि साइबर क्रिमिनल ओमिक्रोन वायरस के फैलने के वक्त पर जब लोगों को कुछ पता नहीं चल रहा है उस दौरान कमजोर लोगों का शिकार करने के लिए कर रहे हैं। इस समय लोग कोविड-19 के लिए टेस्टिंग जल्द से जल्द बुक करना चाहते हैं। ऐसे में लोगों की इस खतरनाक ईमेल फ्रॉड का शिकार होने की संभावना सबसे अधिक हैं।

Gmail के ईमेल फिशिंग अटैक से कैसे करें बचाव

    सबसे पहली बात तो यह है कि NHS कभी भी इस प्रकार किसी को कॉन्टैक्ट नहीं करेगा।
    अगर फिर भी इस प्रकार के ईमेल आते हैं तो ईमेल भेजने वाले एड्रेस को चेक करें। असली NHS ईमेल एड्रेस nhs.uk के साथ खत्म होता है।
    आपको किसी भी ईमेल में मौजूद लिंक पर क्लिक नहीं करना चाहिए।
    आपको अपनी निजी जानकारी या वित्तीय जानकारी कभी भी किसी के साथ शेयर नहीं करनी है।
    अब तक ऑफिशियली नए वेरिएंट डिटेक्शन टेस्ट के लिए ऐसी कोई टेस्टिंग नहीं है तो इस प्रकार की जानकारी पर ध्यान नहीं देना चाहिए।
    अगर आपको कोई भी मेल प्राप्त हो तो ईमेल डिलीट कीजिए।

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