Saturday, January 17

नए साल में ऑनलाइन कार्ड सिस्टम होगा बदलाव

नए साल में ऑनलाइन कार्ड सिस्टम होगा बदलाव


भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नई गाइडलाइंस के हिसाब से 1 जनवरी, 2022 से अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी ई-कॉमर्स कंपनियां या Zomato जैसे ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनी अपने प्लेटफॉर्म पर कार्ड की इंफॉर्मेशन सेव नहीं कर पाएंगी। आरबीआई के नए नियमों के मुताबिक किसी भी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करने पर ग्राहकों को 2022 से हर बार अपने डेबिट या क्रेडिट कार्ड की डिटेल्स दर्ज करना होंगी। अगर ग्राहक बार डिटेल्स दर्ज करने की परेशानी से बचना चाहते हैं तो अपने कार्ड को टोकेनाइज करने लिए प्लेटफार्म को मंजूरी दे सकते हैं।

मार्च 2020 में RBI द्वारा जारी गाइडलाइंस के मुताबिक, यह कदम सिक्योरिटी में बढ़ावा देने के लिए ग्राहकों के कार्ड की डिटेल्स को व्यापारियों द्वारा सेव करने से प्रतिबंधित करते थे। मगर इस साल सितंबर में रेगुलेटरी बॉडी ने सिक्योरिटी और सेफ्टी में सुधार के लिए कार्ड टोकनाइजेशन पर अपनी गाइडलाइंस को बढ़ाया है। RBI ने एक प्रेस रिलीज में कहा कि 'कार्ड डाटा का टोकनाइजेशन ग्राहक मंजूरी के साथ ही होगा, जिसके लिए अतिरिक्त फैक्टर ऑफ ऑथेंटिकेशन (AFA) की जरूरत होगी।' टोकनाइजेशन कार्ड डिटेल्स को एक यूनिक एल्गोरिथम जनरेटेड कोड या टोकन के साथ रिप्लेस करने में मदद करता है, इससे कार्ड की डिटेल्स को एक्सपोज किए बिना ऑनलाइन शॉपिंग होती है।

यहां जानें कि एक रेगूलर ग्राहक पर इसका क्या असर होगा:

ग्राहक 1 जनवरी, 2022 से अपने डेबिट या क्रेडिट कार्ड की डिटेल ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर नहीं सेव कर पाएंगे।

ग्राहकों को हर बार ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करने पर कार्ड डिटेल्स को दोबारा दर्ज करना होगा।

मगर ग्राहक बार-बार होने वाली इस दिक्कत से बचाव के लिए ई-कॉमर्स कंपनियों को अपने कार्ड को टोकन करने के लिए अपनी मंजूरी दे सकते हैं। ग्राहक की मंजूरी पाने के बाद ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म कार्ड नेटवर्क को जरूरत के हिसाब से अतिरिक्त फैक्टर ऑथेंटिकेशन के साथ डिटेल्स एन्क्रिप्ट करने के लिए कहा जाएगा।
जब एक बार ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म को एन्क्रिप्टेड डिटेल्स मिल जाती है तो उसके बाद ग्राहक आगामी ट्रांजेक्शन के लिए उस कार्ड को सेव कर सकते हैं।

फिलहाल अधिकतर लोकप्रिय ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म सिर्फ Mastercard और Visa प्रोवाइडिड कार्ड्स को टोकन कर सकते हैं। ऐसी संभावना है कि अन्य फाइनेंशियल सर्विसेज के कार्ड्स को जल्द ही टोकन किया जा सकेगा।
आरबीआई की नई गाइडलाइन का पालन क्रेडिट और डेबिट कार्ड दोनों के लिए होना है।

नए गाइडलाइंस इंटरनेशनल ट्रांजेक्शन पर लागू नहीं होती हैं। सिर्फ डॉमेस्टिक कार्ड और ट्रांजेक्शन RBI की नई गाइडलाइंस के अंदर आती हैं।
ग्राहकों को कार्ड टोकनाइजेशन के लिए कोई एक्स्ट्रा चार्ज नहीं देना होगा।
ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ग्राहकों को आसानी से पहचानने के लिए टोकेनाइज्ड कार्ड के आखिरी 4 डिजिट दिखाएगा और साथ में इश्यूंग बैंक और कार्ड नेटवर्क भी होता है।
आखिर में कार्ड का टोकनाइजेशन जरूरी है। ग्राहक क्विक ट्रांजेक्शन के लिए अपने कार्ड्स को टोकेनाइज करना चुन सकते हैं या फिर कार्ड डिटेल्स को दर्ज कर सकते हैं।

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