Sunday, March 1

पत्रकार चंद्रहास शुक्ल के काव्य संग्रह का विमोचन

पत्रकार चंद्रहास शुक्ल के काव्य संग्रह का विमोचन


भोपाल । ( अपनी खबर )
राजधानी के वरिष्ठ पत्रकार और समाज सेवी चंद्रहास शुक्ल के काव्य संग्रह " यूं ही " का विमोचन सुप्रसिद्ध साहित्यकार  डा. महेश्वर तिवारी ने आज 1 जनवरी 2022 को  समारोहपूर्वक  किया । इस अवसर पर  डा. मीना शुक्ला , श्री मोहन शर्मा,  हिमांशी शर्मा , अमिताभ पाण्डेय,  सहित बड़ी संख्या में साहित्य अनुरागी  उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि श्री शुक्ल के अब तक आधा दर्जन से अधिक काव्य संग्रह  विविध विषयों पर आ चुके हैं। उनकी रचनाएं युवा मन की भावनाओं को जाहिर करने के साथ ही देश, धर्म , समाज के प्रति आमजन को अपने कर्तव्य पूरा करने की  प्रेरणा देती है। आज लोकार्पित हुए उनके काव्य संग्रह " यूं ही " में कुल 53 कविताएं हैं जिनमें प्यार , मुहब्बत  के साथ ही राष्ट्र के प्रति समर्पण के भाव भी नजर आते हैं। इस काव्य संकलन पर सुप्रसिद्ध शायर बद्र वास्ती के साथ ही सुकवि , गीतकार दिनेश प्रभात के  विचार काबिले तारीफ हैं।

अपने इस काव्य संकलन के बारे में चंद्रहास शुक्ल का कहना है कि  ये रचनाएं भिन्न भिन्न परिस्थितियों  के बीच लिखी गई। यह संकलन पिछले वर्षों के दौरान  विभिन्न पत्र, पत्रिकाओं, समाचार पत्रों में प्रकाशित हुई रचनाओं का है। इन रचनाओं में जिसको जो उपयोगी संदेश या सीख लगे , वह इसका उपयोग कर सकता है।

इस " यूं ही" नामक  काव्य संकलन में छपे चित्र यह बताते हैं कि  देश के ओजस्वी कवि और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी , गीत ऋषि गोपालदास नीरज, राष्ट्रकवि प्रदीप , बेमिसाल शायर बशीर बद्र, गीतकार इब्राहिम अश्क , महान लेखिका अमृता प्रीतम से कविताप्रेमी चंद्रहास शुक्ल की मुलाकात समय समय पर हुई है। यहां यह बताना जरूरी है कि श्री शुक्ल अपनी हर पुस्तक , काव्य संग्रह का मूल्य केवल एक रुपया रखते हैं। आज जो " यूं ही " काव्य संग्रह लोकार्पित हुआ , उसका मूल्य भी एक रुपया ही रखा गया है।

आज के समय में केवल एक रुपया मूल्य पर काव्य संग्रह उपलब्ध करवाने का प्रशंसनीय कार्य मौन रहकर समाजसेवा करने वाले चंद्रहास शुक्ल ही कर सकते हैं। धर्म, समाज , संस्कृति के संरक्षण , संवर्धन के लिए श्री शुक्ल जो तन ,मन ,धन समर्पित कर जो सेवा कार्य कर रहे हैं वह लोगों के लिए अनुकरणीय है।
श्री शुक्ल किसी भी काम को पूरी लगन और समर्पण भाव से करते हुए श्रेय लेने से हमेशा दूर रहते हैं। उन्होंने अपने नए काव्य संकलन में प्रकाशन के लिए भाई सईद बिलग्रामी , अमित सक्सेना, संदीप बागड़े, अनुराग सहित अन्य शुभचिंतकों के प्रति आभार प्रकट किया है।

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