जयपुर
राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत एक लाख से अधिक संविदाकर्मियों के कैडर बनाकर सेवा नियम तय कर दिए है। जिस महिला कर्मी की दो से कम जीवित संतान है उसे 180 दिवस तक का मातृत्व अवकाश मिलेगा। यदि मातृत्व अवकाश का दो बार उपभोग करने के पश्चात कोई जीवित संतान न हो तो मातृत्व अवकाश एक और अवसर के लिए दिया जा सकेगा। सरकार के इस निर्णय से संविदाकर्मियों को प्रतिवर्ष 5 प्रतिशत वार्षिक इंक्रीमेंट और अन्य लाभ मिलेंगे। राज्य के कार्मिक विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार संविदा पर रखा गया व्यक्ति प्रत्येक कैलेण्डर वर्ष में 12 दिवस के आकस्मिक अवकाश का हकदार होगा। संविदा पर रखा गया व्यक्ति संविदा सेवा के प्रत्येक पूर्ण वर्ष के संबंध में 20 दिवस की अर्ध वेतन छुट्टी का हकदार होगा, लेकिन ये छुट्टी चिकित्सा प्रमाण पत्र ही दी जाएगी।
संतोषप्रद सेवा होने पर होगा नवीनीकरण
कार्मिक विभाग की अधिसूचना के अनुसार संविदा कर्मी सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ सकेगा। संविदा पर रखा गया व्यक्ति राज्य के क्रियाकलापों के संबंध में यात्रा और दैनिक भत्ते का हकदार होगा। यात्रा भत्ते के प्रयोजन के लिए एक मुश्त मासिक संविदा पारिश्रमिक के अनुसार अवधारित किया जाएगा। संविदाकर्मियों को एक स्थान से अन्यंत्र स्थान पर तबादला नहीं किया जाएगा। सरकार के अनुमोदन के बिना संविदा कर्मी किसी अन्य कार्य एवं व्यवसाय में लिप्त नहीं होगा। साथ में अन्य किसी पाठ्यक्रम का अनुसरण नहीं करेगा। संविदा कर्मयों को वर्दी भत्ता मिलेगा। संविदा कर्मी के 5 वर्ष की सेवा करने के बाद स्क्रीनिंग की जाएगी। इसके बाद सेवा संतोष प्रद होने के बाद नवीनीकरण किया जाएगा।

