Thursday, April 16

कांग्रेस को हार का डर, इसलिए पहले से रोना शुरू: अनिल विज का बड़ा बयान

कांग्रेस को हार का डर, इसलिए पहले से रोना शुरू: अनिल विज का बड़ा बयान


चण्डीगढ
हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने दिल्ली लाल किला क्षेत्र में हुए आतंकी बम ब्लास्ट पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह एक गंभीर आतंकी घटना है जिसमें निर्दाेष लोगों की जान गई है। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और तत्परता के कारण एक बड़ी तबाही टल गई। उन्होंने कहा कि “हमारी पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते एक भयंकर साजिश को विफल किया। मैं सभी सुरक्षा बलों को सैल्यूट करता हूँ जिन्होंने एक बहुत बड़ी दुर्घटना होने से देश को बचाया।” विज आज मीडिया कर्मियों के सवालों का जवाब दे रहे थे। विज ने इस हमले में आतंकी उमर की संलिप्तता की पुष्टि होने पर कहा कि करीब 3000 किलो अमोनियम नाइट्रेट बरामद किया गया है, जो किसी भी बड़े शहर को नष्ट कर सकता था। 

अनिल विज ने बताया कि सभी सुरक्षा एजेंसियां इस मामले की गहराई से जांच कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कौन लोग इस साजिश के पीछे थे, किसने विस्फोटक सामग्री मुहैया करवाई, और यह पूरी प्लानिंग कहां से की गई। विज ने कहा कि “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का स्पष्ट संदेश है कि जो भी आतंकवादी घटनाओं में शामिल होगा या उन्हें अंजाम देने में मदद करेगा, उसे किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।”

“कांग्रेस को हार की आदत है, अब रोने की नई स्कीम लेकर आई है” 
बिहार चुनाव को लेकर कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए विज ने व्यंग्य किया कि कांग्रेस ने “हारने के बाद रोने की परंपरा” को अपनी आदत बना लिया है। उन्होंने कहा कि “कांग्रेस अपने स्कूल में कई तरह के रोने के तरीके सीख चुकी है एक, चुनाव हारने के बाद सियापा करना और दूसरा, वोट चोरी के आरोप लगाना। अगर वोट दो बन भी गईं, तो यह क्यों नहीं बताते कि कितनी डाली गईं और किसे पड़ीं? असली फायदा-नुकसान तो वोट डालने के बाद ही तय होता है।”
 
अंबाला में कांग्रेस द्वारा आयोजित ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ कार्यक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए विज ने कांग्रेस के नेताओं (भूपेन्द्र सिंह हुडडा) पर तंज कसते हुए कहा कि “ ये तो (हुड्डा) तो चाबी वाले खिलौने हैं। जैसे ही राहुल गांधी चाबी भरते हैं, ये चलने लगते हैं, और जब वह रोक देते हैं, तो ये भी थम जाते हैं।

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