प्रतापगढ़
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले की कुंडा विधानसभा में मतदाता सूची को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. चुनाव आयोग द्वारा कराए गए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के अध्यक्ष राजा भैया की पत्नी भानवी सिंह और उनकी दोनों बेटियों, राघवी कुमारी व विजय राजेश्वरी कुमारी के नाम वोटर लिस्ट से काट दिए गए हैं.
यह कार्रवाई हाल ही में संपन्न हुई है, जिसके विरोध में भानवी सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और चुनाव आयोग को पत्र लिखकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है. उन्होंने प्रशासनिक दबाव और पक्षपात का आरोप लगाते हुए इस प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं.
भानवी सिंह ने सोशल मीडिया के जरिए अपना गुस्सा जाहिर करते हुए 2003 और 2025 की वोटर लिस्ट के सबूत पेश किए हैं. उन्होंने बताया कि साल 2025 की सूची में उनका नाम मतदान केंद्र संख्या 87, बेंती के वार्ड नंबर 15 में दर्ज था. लेकिन नई अंतरिम सूची से उनका और उनकी बेटियों का नाम अचानक गायब कर दिया गया. भानवी का कहना है कि वह 2003 से लगातार कुंडा की वोटर रही हैं, ऐसे में नाम हटाना समझ से परे है.
सत्ता और आयोग तक पहुंची शिकायत
इस मामले ने अब राजनीतिक मोड़ ले लिया है. भानवी सिंह ने इसे 'खुला पक्षपात' करार देते हुए अधिकारियों पर दबाव में काम करने का आरोप लगाया है. उन्होंने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में सभी दस्तावेजी सबूत संलग्न किए हैं और मांग की है कि उनके संवैधानिक अधिकार को बहाल किया जाए. कुंडा के सियासी गलियारों में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं.

