Friday, April 10

पंजाब के मुद्दों पर केंद्रीय कृषि मंत्री से मिले सीएम मान, गेहूं खरीद, मुआवजा और लंबित राशि पर की चर्चा

पंजाब के मुद्दों पर केंद्रीय कृषि मंत्री से मिले सीएम मान, गेहूं खरीद, मुआवजा और लंबित राशि पर की चर्चा


चंडीगढ़
 पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित कृषि भवन पहुंचे, जहां उन्होंने केंद्रीय खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री प्रल्हाद जोशी के साथ अहम बैठक की। इस बैठक में गेहूं की खरीद व्यवस्था, किसानों को मुआवजा, लंबित राशि और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में बताया कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक में खाद्य सुरक्षा और पेट्रोलियम से जुड़े विषयों पर विचार किया गया था। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पुराने गेहूं के भंडार को तेजी से उठाने के लिए अतिरिक्त विशेष रेलगाड़ियों की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया है, जिससे भंडारण की समस्या कम होगी।

इसके साथ ही उन्होंने दलील दी है कि आरडीएफ के करीब 9000 करोड़ रुपए तुरंत जारी किए जाएं। उन्होंने केंद्र सरकार को विकल्प दिया कि अगर केंद्र पैसे जारी कर देता है, तो वह केस वापस लेने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र राशि किश्तों में जारी कर दें।

सीएम ने कहा कि अच्छे माहौल में मीटिंग हुई है और कई चीजों पर सहमति बनी है। पांच प्वाइंटों में जाने मीटिंग में क्या हुआ

1. केंद्र सरकार को सूची देकर आए पत्रकारों से बातचीत में सीएम ने कहा कि कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री ने सारे देश के मुख्यमंत्रियों की वर्चुअल मीटिंग की थी। इस दौरान खाड़ी युद्ध की वजह से प्रभावित होने वाले सेक्टरों को लेकर चर्चा हुई। उस संबंधी आज लिस्ट देकर आए।

2. गोदामों से अनाज का मुद्दा उठाया पंजाब में 155 मीट्रिक टन गेहूं कवर्ड गोदाम में पड़ी है। हमने एफसीआई को कहा कि उस भंडार को उठाया जाए। गोदाम खाली करवाए जाएं। स्पेशल ट्रेन चलाई जाए। इस अनाज को सार्वजनिक वितरण सिस्टम और प्रधानमंत्री अन्य कल्याण योजना के तहत लोगों को दिया जा सकता है। यह चीज उन्हें पहले से पता थी। उन्होंने कहा कि अप्रैल से जून तक ज्यादा ट्रेन लगाकर गोदाम खाली करवाएंगे।

3. केंद्र सरकार की तरह कम ब्याज पर मिले कर्ज सीएम ने कैश क्रेडिट लिमिट का मुद्दा भी उठाया है। आरबीआई से अगर किसी प्रदेश की सरकार कर्ज लेती है, तो उसे ज्यादा ब्याज देना पड़ता है, जबकि केंद्र सरकार को कम ब्याज लगता है। मंत्री ने कहा कि मुद्दा सही है। मैंने उन्हें बताया कि 0.55 प्रतिशत, आधा प्रतिशत से ज्यादा ब्याज लगता है। कहने को यह आधा प्रतिशत है, लेकिन हमारा 500 करोड़ का नुकसान होता है।

4. आरडीएफ की राशि किश्तों में जारी करे आरडीएफ के पैसे का मुद्दा उठाया। हमने कहा है कि विधानसभा में प्रस्ताव पास कर दिया है कि पैसा मंडियों में ही खर्च करेंगे। यह पैसा पिछली सरकार के समय से रुका हुआ है। हमने उन्हें कहा कि हमारा पैसा दे दो, हम सुप्रीम कोर्ट से केस वापस लेने को तैयार हैं। मैंने सुझाव दिया कि किश्तों में पैसे दे दो।

5. आढ़तियों की कमीशन का मुद्दा उठाया मीटिंग में आढ़तियों के मुद्दे को उठाया। उन्हें भारत सरकार ने जो रेट दिए हैं, वह मंजूर नहीं हैं। वह पौने पांच रुपए और मांग रहे हैं। वह केंद्र सरकार ने देने हैं। हालांकि हमारे कहने पर उन्होंने हड़ताल नहीं की है। हमने कहा कि पंजाब और हरियाणा का मंडीकरण बहुत मजबूत है। हमें इससे बाहर रखा करे। विश्व गुरु तभी बनेंगे, जब सब लोग खुश होंगे।

जाखड़ मुझे नहीं प्रधानमंत्री को पत्र लिखे पंजाब भाजपा प्रधान सुनील जाखड़ की प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू करने की मांग पर सीएम ने कहा कि जाखड़ बताए कि कितने किसानों को अब तक कितने पैसे मिले हैं। उसमें नियम काफी जटिल है। उन्होंने कहा कि जाखड़ मेरी बजाय प्रधानमंत्री को पत्र लिखे।

लोगों की कचहरी में अकाली दल फेल सुखबीर बादल के दो तारीख के फैसले पर पर सवाल उठाने संबंधी बयान पर सीएम ने कहा कि परमात्मा की चक्की चलती धीमी है, लेकिन पीसती बहुत बारीक है। लोगों की कचहरी में अकाली दल फेल हा चुका है। परमात्मा की कचहरी में फैसला हो जाएगा। बेअदबी कानून को लेकर 13 अप्रैल को लेकर स्पेशल सेशन करवा रहे हैं।

आज पंजाब का दौरा कर सकती है केंद्रीय टीम
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने लगातार हो रही बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की और केंद्र से अपील की कि फसल नुकसान का आकलन करने के लिए तुरंत एक टीम पंजाब भेजी जाए। संभावना जताई जा रही है कि केंद्र की टीम आज ही राज्य का दौरा कर सकती है।

ऋण सीमा पर ब्याज दर में बढ़ोतरी से राज्य पर बोझ
वित्तीय मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नकद ऋण सीमा पर ब्याज दर में मामूली बढ़ोतरी भी राज्य पर भारी बोझ डालती है। उन्होंने बताया कि केवल 0.005 प्रतिशत की वृद्धि से ही लगभग 500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ता है।

इसके अलावा उन्होंने ग्रामीण विकास कोष की लगभग 9000 करोड़ रुपये की लंबित राशि का मुद्दा उठाया और इसे किस्तों में जारी करने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया में विचाराधीन है, लेकिन राज्य सरकार इसे वापस लेने पर भी विचार कर सकती है। इन दोनों मुद्दों पर केंद्र की तरफ से आश्वासन दिया गया है।

आढ़तियों के कमीशन में बढ़ोतरी की मांग का समर्थन
मुख्यमंत्री ने आढ़तियों के कमीशन में बढ़ोतरी की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि वे किसानों और मंडियों के संचालन में अहम भूमिका निभाते हैं। मंडियों में काम करने वाले मजदूरों, विशेषकर बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से आने वाले श्रमिकों से जुड़े मुद्दों और भविष्य निधि से संबंधित विषयों पर भी चर्चा की गई, जिसे केंद्रीय मंत्री ने जायज बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में कानून व्यवस्था को लेकर सरकार पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने गैंगस्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखने की बात दोहराई और स्पष्ट किया कि किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।

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