अमृतसर
थाना मजीठा से अकाली कार्यकर्ता को छुड़ाकर ले जाने के आरोप में वरिष्ठ अकाली नेता एवं पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया पर केस दर्ज कर लिया गया है। इसके बाद सोमवार को पंजाब पुलिस की टीम मजीठिया के अमृतसर स्थित आवास पर पहुंची। पुलिस की ओर से विभिन्न स्थानों पर एक साथ कार्रवाई की गई, जिसके लिए कई टीमों का गठन किया गया था। इन्हीं में से एक टीम मजीठिया के घर भी पहुंची।
पुलिस टीम के पहुंचने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में अकाली कार्यकर्ता मौके पर एकत्रित हो गए। इस दौरान पुलिस अधिकारियों और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस भी हुई। हालांकि पुलिस ने अपनी कार्रवाई जारी रखी और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की।
गौरतलब है कि मजीठा में उस समय विवाद खड़ा हो गया था जब अकाली दल के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने एक पार्टी कार्यकर्ता जोबनप्रीत सिंह को हिरासत में लेने के बाद थाने में नहीं रखा, बल्कि उसे थाना प्रभारी के सरकारी आवास पर कमरे में बंद कर रखा गया है। सूचना मिलने पर बिक्रम सिंह मजीठिया अपने समर्थकों के साथ थाना मजीठा पहुंचे थे। वहां पुलिस अधिकारियों के साथ उनकी तीखी नोकझोंक हुई।
अकाली नेताओं का आरोप था कि संबंधित कार्यकर्ता को थाने में पेश नहीं किया गया। इसके बाद मजीठिया और उनके समर्थक उस सरकारी आवास पर पहुंचे जहां कार्यकर्ता को रखा गया था। वहां भी पुलिस और अकाली कार्यकर्ताओं के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। बाद में कार्यकर्ता के वहां से बाहर आने के बाद उसे समर्थक अपने साथ ले गए।
पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिस कार्रवाई में हस्तक्षेप करने और हिरासत में लिए गए व्यक्ति को छुड़ाकर ले जाने सहित विभिन्न आरोपों के तहत मामला दर्ज किया। मामले में बिक्रम सिंह मजीठिया को भी नामजद किया गया है। इसी प्रकरण के सिलसिले में सोमवार को पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर दबिश दी और मजीठिया के आवास पर भी टीम पहुंची।
दूसरी ओर, अकाली दल ने पुलिस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध करार देते हुए इसका विरोध किया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि उनके कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि पुलिस का कहना है कि कानून के अनुसार कार्रवाई की जा रही है।

