Friday, January 16

तेजी से टहलने वाली महिलाओं में हार्ट फेलियर का जोखिम 34% कम

तेजी से टहलने वाली महिलाओं में हार्ट फेलियर का जोखिम 34% कम


वॉक करना सेहत के लिए अच्छा है यह तो सभी जानते हैं, पर तेज गति से वॉक करना दिल की सेहत के लिए भी अच्छा होता है, यह बात कम ही लोगों को पता होगी। अमेरिका की ब्राउन यूनिवर्सिटी के ताजा शोध में दावा किया गया है कि धीमे वॉक करने वालों की तुलना में तेज वॉक करने वाली महिलाओं में हार्ट फेलियर का जोखिम 34% तक कम होता है। स्टडी के दौरान शोधकतार्ओं ने 50 से 79 साल की 25,183 महिलाओं के हेल्थ रिकॉर्ड का विश्लेषण किया। इनमें महिलाओं की टहलने की गति का जिक्र भी था। इन प्रतिभागियों को करीब 17 साल तक ट्रैक किया गया था। इस दौरान 1,455 महिलाओं को हार्ट अटैक का सामना करना पड़ा। जिन महिलाओं ने दावा किया था कि उनकी वॉकिंग स्पीड 4.8 किमी प्रति घंटे से ज्यादा थी, उन्हें 34% कम जोखिम झेलना पड़ा, वहीं जिनकी स्पीड औसत यानी 3.2 किमी प्रति घंटे के करीब रही उन्हें 27% कम खतरा था।

दिल की तकलीफों का जोखिम भी कम
स्टडी के प्रमुख लेखक डॉ. चार्ल्स एटॉन के मुताबिक चलने की स्पीड दिल की सेहत का पैमाना है। यदि तेज गति से नहीं चल पा रही हैं तो अलर्ट हो जाना चाहिए। जिन महिलाओं को जोखिम हुआ, उनके हार्ट से शरीर में पर्याप्त मात्रा में ब्लड पहुंचने की प्रकिया बाधित होने लगी थी। यह बढ़ती उम्र की तकलीफ है जिसे बेहतर जीवनशैली के जरिए सुधारा जा सकता है। शोधकर्ताओं का मानना है कि तेज गति से चलने के कारण शरीर में रक्तसंचार की प्रक्रिया संतुलित रहती है। दिल बेहतर ढंग से काम करता है। इससे दिल से जुड़ी बाकी तकलीफों का जोखिम भी कम हो जाता है।

27 हजार महिलाओं पर रिसर्च
अमेरिकन जेरियाट्रिक्स सोसायटी जर्नल में प्रकाशित इस स्टडी के मुताबिक धीमे चलने के कारण दिल की मांसपेशियों में किसी तरह की हानि भी हो सकती है। स्टडी के नतीजे साफ बताते हैं कि धीमे चलने वालों के मुकाबले तेज चलने वाले को फायदे ज्यादा मिलते हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि इस स्टडी से ब्रिटेन में 27 हजार महिलाओं पर हुई पिछली रिसर्च को बल मिलता है, जिसमें कहा गया था कि तेज चलने वालों को दिल संबंधी जोखिम 20% तक कम होते हैं। नतीजों से यह भी स्पष्ट है कि चलने की स्पीड में सुधार करके आप दिल की सेहत को अच्छा रख सकते हैं।

ब्रिस्क वॉक से हफ्तेभर वर्कआउट के बराबर फायदा
रिसर्चर्स का मानना है कि हफ्तेभर में एक घंटे ब्रिस्क वॉक जोखिम घटा सकता है। यह हफ्ते में दो घंटे में सामान्य या धीमी गति से चलने के ही बराबर है। यानी जो महिलाएं तेज वॉक नहीं कर पाती हैं, उनके लिए औसत स्पीड से चलना भी फायदेमंद है। यही नहीं, थोड़े समय के लिए तेज वॉक करना उतना ही फायदेमंद है, जितना हफ्तेभर में 150 मिनट वर्कआउट करना।

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