Sunday, January 18

करोड़ों रुपये का धान रखने ईटों के चबूतरे की वैकल्पिक व्यवस्था

करोड़ों रुपये का धान रखने ईटों के चबूतरे की वैकल्पिक व्यवस्था


सिवनी
 किसानों से खरीदा गया बेशकीमती करोड़ों रुपये का धान भंडारित करने जिले के गोदाम व ओपन कैप कम पड़ रहे हैं। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत मप्र वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन के तकनीकी विभाग द्वारा मैदान पर मिट्टी की ईटों से चबूतरा (स्टेक) तैयार करवाकर इसमें लाखों क्विंटल धान का भंडारण किया जा रहा हैं। अधिकारियों का दावा है कि भंडारित धान का उठाव एक माह में कर लिया जाएगा। लेकिन जिले में साल 2019-20 में भंडारित करीब 8 लाख क्विंटल धान का तय समय में उठाव नहीं होने से सड़ कर खराब और बर्बाद हो चुका है। ऐसे में मिट्टी की ईटों पर भंडारित धान का उठाव एक माह में हो जाएगा, यह बात किसी के गले नहीं उतर रही है।

जानकारों का कहना है कि समर्थन मूल्य पर उपार्जित सरकारी धान व गेहूं के निस्तारण (उपयोग) की विस्तृत योजना नहीं होने के कारण इस तरह की स्थिति हर साल जिले में निर्मित हो रही है। इस साल लगभग 48 लाख क्विंटल धान का उपार्जन किया गया है। वहीं साल पिछले साल 2020-21 में खरीदे गए 34 लाख क्विंटल धान में से करीब 14 लाख क्विंटल धान भंडारित है, जिसका मिलिंग कर चावल तैयार होना हैं। धान मिलिंग की अंतिम तिथि 28 फरवरी निर्धारित की गई है।

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *