Saturday, January 17

पर्यटको को बुंदेला राजाओं की ऐतिहासिक संस्कृति से परिचय कराएगी धुबेला बस सेवा – प्रमुख सचिव शुक्ला

पर्यटको को बुंदेला राजाओं की ऐतिहासिक संस्कृति से परिचय कराएगी धुबेला बस सेवा – प्रमुख सचिव शुक्ला


खजुराहो

प्रमुख सचिव पर्यटन और संस्कृति शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि खजुराहो नृत्य समारोह के दौरान पर्यटको को निकटवर्ती ऐतिहासिक स्थलों और स्थानीय संस्कृति से परिचय कराने के लिए पर्यटन बोर्ड ने धुबेला बस सेवा की पहल की है। खजुराहो से धुबेला संग्रहालय तक 21 से 26 फरवरी 2022 तक 100 रुपये न्यूनतम शुल्क पर बस सेवा का संचालन किया जाएगा। इससे समारोह में आने वाले विभिन्न राष्‍ट्रीय एवं अन्‍तर्राष्‍ट्रीय पर्यटक धुबेला संग्रहालय का भी भ्रमण कर सकेंगे। इससे पर्यटक खजुराहो नृत्य समारोह का आनंद लेने के साथ-साथ महाराजा छत्रसाल और बुंदेला राजाओं के इतिहास और संस्कृति से भी परिचित हो सकेंगे।

खजुराहो-धुबेला बस प्रतिदिन सुबह 10 बजे मध्‍यप्रदेश पर्यटन के होटल झंकार से रवाना होगी और शाम 5 बजे सभी पर्यटकों को वापस होटल झंकार छोड़ेगी। महाराज छत्रसाल की राजधानी धुबेला खजुराहो से 60 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। महाराजा छत्रसाल की याद में धुबेला संग्रहालय का निर्माण  सितंबर, 1955 में किया गया था। यहां गुप्त और कल्चुरि काल की यादें भी देखने मिलती हैं। यहाँ बुंदेला राजाओं के वस्त्र और हथियार भी देखने मिलते हैं। पार्श्वनाथ, ऋषभनाथ और नेमीनाथ की मूर्तियां भी यहाँ हैं। म्यूजियम में अलग-अलग आठ दीर्घाएँ हैं, जिनमें म्यूजियम की ओपन गैलरी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है।

मध्य भारत के परम प्रतापी और शूर वीर योद्धा महाराजा छत्रसाल के जीवन की कहानी के साथ उनके समय में करवाए गए ऐतिहासिक इमारतों जैसे, मस्तानी का महल, हृदयशाह का महल, महोबा द्वार, शीतल गढ़ी, रानी कमला के पति की समाधि, बादल महल, महाराज छत्रसाल की समाधि, भले भाई की समाधि, महाबली तेली की समाधि आदि कई ऐतिहासिक पर्यटन स्थल हैं। इन पर्यटन स्थलों और धुबेला के इतिहास से पर्यटकों को रूबरू कराने के लिए मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड ने यह पहल की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *