जयपुर। श्रम राज्य मंत्री श्री सुखराम विश्नोई ने शुक्रवार को विधानसभा में आश्वस्त किया कि विभाग द्वारा राजस्थान बेवरीज लिमिटेड में कार्य कर चुके श्रमिकों के बकाया वेतन भुगतान नहीं करने के मामले की जांच करवा ली जाएगी।
श्री विश्नोई ने प्रश्नकाल में विधायकों द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए बताया कि राजस्थान बेवरीज लिमिटेड कंपनी वर्ष 2001 से ही बंद है। इस फैक्ट्री में श्रमिकों के जितने भी पी. एफ. तथा वेतन भुगतान के प्रकरण है, उसके निस्तारण के लिए विभाग द्वारा एक बैठक बुलाई गई थी, लेकिन ठेकेदार द्वारा बैठक में भाग नहीं लिया गया। उन्होंने बताया कि इस फैक्ट्री में श्रमिकों की संख्या मापदंडो की सीमा से अधिक होने के कारण विभाग द्वारा श्रमिकों को बकाया भुगतान के लिए न्यायालय में जाने की सलाह दी है।
उन्होंने बताया कि जो भी श्रमिक न्यायालय में इस प्रकरण को लेकर न्यायालय गए है, उनका भुगतान हो गया है। उन्होंने कहा शेष श्रमिक भी अपने बकाया भुगतान के लिए आज भी न्यायालय में जाकर अपना भुगतान प्राप्त करने की अपील कर सकते है।
श्री विश्नोई ने इससे पहले विधायक श्री बलजीत यादव के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में बताया किराजस्थान बेवरीज लि0 शाहजहांपुर अलवर में कार्यरत श्रमिकों के प्रकरण अंतर्गत औधोगिक विवाद अधिनियम 1947, वेतन भुगतान अधिनियम 1936, न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948, तथा उपदान संदाय अधिनियम 1972, इस विभाग को प्राप्त हुये है।
उन्होंने बताया कि पी.एफ से संबंधित प्रकरणों का निस्तारण विभाग के स्तर से नहीं होता है। उन्होंने विभाग को प्राप्त प्रकरणों का संक्षिप्त विवरण तथा उक्त प्रकरणों में विभाग स्तर से की गई कार्यवाही का विवरण सदन के पटल पर रखा। उन्होंने बताया कि पीड़ित श्रमिकों द्वारा उनके वेतन, ग्रेच्यूटी आदि से संबंधित वाद संबंधित न्यायालय में प्रस्तुत करने पर नियमानुसार निस्तारण की कार्यवाही की जायेगी।

