लखनऊ
भाजपा के लिए यह चुनाव इस मायने में खास भी है और चुनौतीपूर्ण भी कि पार्टी 2022 में 20 साल बाद सत्ता में रहते हुए चुनाव मैदान में है। इन दो दशकों में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि पार्टी के पास मोदी जैसा करिश्माई ब्रांड है और योगी जैसा बेदाग दामन वाला मुख्यमंत्री। कभी न थकने वाली चुनावी मशीनरी और विशाल संगठन भी है। चुनावी घोषणा के साथ ही भाजपा ने मोदी-योगी के अलावा भी अपने तमाम हैवीवेट चेहरों को मैदान में उतार दिया था। सूबे का सियासी पारा ज्यों-ज्यों चढ़ता गया, त्यों-त्यों आकाश में भाजपाई स्टार प्रचारकों के उड़नखटोलों का शोर भी बढ़ता गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बात करें तो उन्होंने वर्चुअल और मैदानी रैलियों से पूरे प्रदेश को मथा। उन्होंने 31 जनवरी को अपनी पहली वर्चुअल चुनावी रैली की थी। इसमें पहले और दूसरे चरण की 23 विधानसभा सीटों को शामिल किया गया था। दरअसल तब तक चुनाव आयोग ने कोरोना के चलते रैलियों, रोड शो पर रोक लगा रखी थी। मोदी ने चार वर्चुअल रैलियां कीं। उसके बाद 10 फरवरी को सहारनपुर में उनकी पहली मैदानी रैली हुई। फिर यह सिलसिला चल निकला। अपनी अंतिम रैली उन्होंने शनिवार को वाराणसी के खजुरी में की। इस दौरान उनकी मैदानी रैलियों का वर्चुअल प्रसारण आसपास के उन विधानसभा क्षेत्रों में भी किया गया, जहां चुनाव दूसरे चरणों में होना था।
चुनावी चरणों के साथ बढ़ती गईं योगी की रैलियां
इस चुनावी संग्राम के बीच यूपी के आकाश में सबसे ज्यादा जिसके उड़नखटोले की गूंज सुनाई दी है, वो हैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। भाजपा को सत्ता में बरकरार रखने का जिम्मा मुख्य तौर पर उनके कंधों पर ही है क्योंकि पार्टी ने यह चुनाव योगी के नाम और काम पर ही लड़ा है। सबसे ज्यादा डिमांड भी योगी की ही थी। यूं तो योगी पूरे पांच साल प्रदेश के विभिन्न जिलों का दौरा करते रहे मगर चुनाव घोषित होने के बाद उन्होंने ताबड़तोड़ रैलियां कीं। शुरुआती चरणों में योगी चार से पांच रैलियां रोज कर रहे थे। पश्चिम से पूरब आते-आते प्रतिदिन इन रैलियों की संख्या सात से आठ तक हो गई। गोरखपुर की सदर सीट से खुद चुनाव मैदान में उतरे योगी ने सिर्फ यूपी ही नहीं उत्तराखंड में भी पार्टी के लिए रैली कीं। पूरे चुनाव में जो शब्द सबसे ज्यादा सुनाई दिया वो है बाबा का बुल्डोजर।
पांच राज्यों में चुनाव पर नड्डा-शाह का यूपी पर फोकस
वैसे तो देश के पांच राज्यों में एक साथ चुनाव हो रहे हैं मगर भाजपा देश के सबसे बड़े सूबे की सियासी अहमियत को खूब समझती है। खासतौर से पार्टी के सबसे मुख्य रणनीतिकार माने जाने वाले गृहमंत्री अमित शाह। शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने उत्तराखंड, मणिपुर, पंजाब और गोवा में भी चुनाव प्रचार तो किया मगर पूरा फोकस यूपी पर ही बनाए रखा। भाजपा अध्यक्ष नड्डा ने दर्जनों जनसभाओं के साथ संगठन स्तर पर पार्टी की व्यूह रचना पर भी फोकस किया।
शाह ने कैराना से बोला था सपा पर पहला हमला
अमित शाह ने कैराना से अपने चुनाव अभियान का श्रीगणेश किया था। इस दौरान पश्चिमी यूपी में कानून व्यवस्था और पलायन के मुद्दों के सहारे उन्होंने सपा पर तीखे हमलों की शुरुआत कर दी थी। उसके बाद उन्होंने घर-घर संपर्क, प्रबुद्ध वर्ग संवाद, सांगठनिक बैठकें और जनसभाएं कीं।
राजनाथ, प्रधान, ठाकुर और शिवराज रहे सक्रिय
केंद्रीय मंत्री और यूपी चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान और खासतौर से सह प्रभारी अनुराग ठाकुर तो यूपी में ही डेरा डाले रहे। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भी पहले से लेकर आखिरी चरण तक प्रदेश के हर हिस्से में दर्जनों सभाएं की हैं। भाजपा शासित राज्यों की बात करें तो मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान यूपी में सर्वाधिक सक्रिय रहे। एमपी से सटे बुंदेलखंड के अलावा उन्होंने पूर्वी यूपी में भी दर्जनभर से अधिक सभाएं कीं। इनके अलावा भी केंद्रीय मंत्रियों और पदाधिकारियों की बड़ी फौज लगातार प्रदेश में ही डटी रही है।
केशव की भी खूब रही डिमांड
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की भी इन चुनावों में बेहद डिमांड रही। कौशांबी की सिराथू सीट से प्रत्याशी होने के बाद उन्होंने शुरुआती चरणों में रोज एक या दो जिलों में और फिर चुनावी पारा चढ़ने के साथ ही एक दिन में तीन से चार जिलों में भी ताबड़तोड़ जनसभाएं कीं। स्वामी प्रसाद मौर्य, दारा सिंह चौहान, धर्म सिंह सैनी सहित 14 विधायकों के पाला बदल के बाद जब विपक्ष ने भाजपा को पिछड़ा विरोध के नाम पर घेरा तो मुख्य मोर्चा केशव ने ही संभाला।
स्वतंत्रदेव भरते रहे जोश
इस फेहरिस्त में दूसरा नाम प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह का है। स्वतंत्रदेव भी पार्टी का पिछड़ा चेहरा होने के नाते लगातार विपक्ष पर हमलावर रहे। साथ ही हर जिले में पार्टी कार्यकर्ताओं में भी जोश भरते रहे। उपमुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा ने भी प्रदेशभर में लगातार दौरे और कार्यक्रम किए हैं।
पीएम मोदी-28 मैदानी और वर्चुअल रैलियां, रोड शो व संवाद
सीएम योगी-207 चुनावी रैलियां और कार्यक्रम
अमित शाह-62 रैलियां, रोड शो, संवाद
जेपी नड्डा-42 सभाएं और संवाद

