भोपाल
एक अप्रेल से सरकार के वित्तीय प्रबंधन के लिए तैयार किए जाने वाले बजट को लेकर पिछले एक माह से दिन रात एक करने वाले अधिकारी, कर्मचारी आज से राहत महसूस कर रहे हैं। इन अधिकारियों का कहना है कि अब बजट पेश हो गया है तो एक हफ्ते से दिन रात इसको लेकर उनका मानसिक तनाव खत्म हो गया है। बजट के काम में जुटे कई अधिकारी और कर्मचारी इस बीच अपने परिवार को भी समय नहीं दे पा रहे थे और घर पर सिर्फ सोने के लिए पहुंच पा रहे थे।
शिवराज सरकार का 2022-23 का बजट पेश होने के साथ ही बजट बनाने वाली टीम को भारी राहत मिली है। इस काम में जुटे अधिकारियों को बजट निर्माण संबंधी दायित्वों के निर्धारण के लिए पिछले एक माह में हुए पारिवारिक फंक्शन और सामाजिक जिम्मेदारियों से भी किनारा करना पड़ा था। अब जबकि वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने आज विधानसभा में बजट पेश कर दिया है तो ये अधिकारी अब राहत महसूस कर रहे हैं। वित्त विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि पिछले एक माह से वे विभागीय अफसरों के अलावा अन्य लोगों के फोन भी रिसीव इसलिए नहीं कर रहे थे ताकि संवाद के दौरान जाने-अनजाने सरकार के बजट संबंधी गोपनीय आंकड़े सामने न आ जाएं और बजट लीक होने की स्थिति न बन जाए।
इनकी रही मुख्य भूमिका
बजट बनाने के काम में वैसे तो वित्त विभाग के बजट सेक्शन से संबंंधित अफसर नवम्बर से ही सक्रिय हो जाते हैं लेकिन इनका काम जनवरी माह से गति पकड़ता है और अंतिम दौर में बजट पेश होने के पहले स्थिति यह रहती है कि मुख्य बजट से जुड़े अफसर, कर्मचारी सुबह से देर रात तक काम करते हैं और किसी अन्य काम से इन्हें अलग रखा जाता है। बजट निर्माण में मुख्य भूमिका निभाने वाले अफसरों में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा के साथ प्रमुख सचिव वित्त मनोज गोविल, संचालक बजट आईरिन सिंथिया जेपी और उनके अधीन काम करने वाले उपसचिव व अवर सचिवों के साथ बजट सेक्शन के लिपिक शामिल हैं।

