Monday, March 2

Narmadapuram News: तवा पुल की मरम्मत कार्य में लापरवाही, कांट्रेक्टर के विरुद्ध FIR दर्ज

Narmadapuram News: तवा पुल की मरम्मत कार्य में लापरवाही, कांट्रेक्टर के विरुद्ध FIR दर्ज


नर्मदापुरम्
तवा ब्रिज के मरम्मत का कार्य पुन: शुरू किया गया है, आगामी 15 जून 2022 तक पुल पर से यातायात पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा। कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने उक्ताशय का आदेशजारी किया है जोकि 13 अप्रैल से प्रभावशील हो गया है। इधर मप्र सड़क विकास निगम के प्रबंधक प्रवीण निमझे ने कांट्रेक्टर पर एफाअईआर करा दी है।

इन धाराओं में हुआ मामला दर्ज
जिले के तवा पुल की मरम्मत कार्य में लापरवाही एवं अनावश्यक लेटलतीफी पर कांट्रेक्टर के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई हैं। संभागीय प्रबंधक मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम  प्रवीण निमझे ने देहात थाना नर्मदापुरम में कांट्रैक्टर एचपी मिश्रा मेसर्स मिश्रा कंस्ट्रक्शन भोपाल के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 288, 336 एवं 420 के तहत प्रकरण दर्ज करवाया हैं।  संभागीय प्रबंधक श्री नीमजे ने बताया कि कांट्रेक्टर के साथ अनुबंध अनुसार 19 अक्टूबर 2021 से तवा पुल की मरम्मत के लिए पुल पर से आवागमन पूर्णता प्रतिबंधित किया गया था। 4 महीने तक यातायात प्रतिबंधित रहने के बावजूद भी कांट्रैक्टर द्वारा मरम्मत कार्य एवं रेलिंग निर्माण कार्य पूर्ण नहीं किया गया। कांट्रेक्टर को पत्रों एवं दूरभाष के दौरान सूचना देने के उपरांत भी कांट्रेक्टर द्वारा इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही नहीं की गई। श्री निमजे ने बताया कि कांट्रैक्ट की लापरवाही कारण तवा पुल जैसे महत्वपूर्ण पुल पर सेफ्टी हेजार्ड की स्थिति उत्पन्न हो गई है एवं बड़ी दुर्घटना की संभावना बनी हुई है।

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उन्होंने बताया कि कांट्रेक्टर द्वारा सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के विनिर्देश के क्लोज 112 अनुसार कार्यस्थल पर सेफ्टी आॅफिसर एवं सुरक्षा यंत्रों की भी नियुक्ति नहीं की गई है एवं क्लोज 813 के अनुसार ना ही कार्यस्थल पर ट्रैफिक कौन चेतावनी पट्टी झंडे एवं फ्लैग मैन प्रदान किए गए हैं।   श्री नीमजे ने बताया कि कांट्रेक्टर द्वारा पुल के मरम्मत किए गए जॉइंट्स पर क्रेक्स भी उत्पन्न हुए हैं, जिनकी मरम्मत भी कॉन्टैक्टर द्वारा नहीं की जा रही है। जिससे किसी भी दिन बड़े हादसे होने की संभावना बनी हुई। जनता की जान से खिलवाड़ एवं विभाग एवं प्रशासन के निदेर्शों की अवहेलना पर कांट्रेक्टर के विरोध एफ आई आर दर्ज कराई गई हैं।

किया रूट डायवर्ट
कलेक्टर ने जारी आदेश में उल्लेख किया है कि तवा ब्रिज से यातायात प्रतिबंधित अवधि के दौरान भारी वाहनों के आवागमन के लिए मार्र्गों का डायवर्सन किया गया है जिसके अनुसार पिपरिया, जबलपुर से भोपाल, इंदौर की ओर जाने वाले  भारी वाहन व्हाया पिपरिया, सांडिया, बरेली होते हुए भोपाल, इंदौर की ओर डायवर्ट किया गया है, सोहागपुर, बाबई से भोपाल, इंदौर की ओर जाने वाले वाहन व्हाया बाबई, नसीराबाद, नांदनेर, शाहगंज होते हुए भोपाल, इंदौर के लिए, बाबई से इटारसी, बैतूल की ओर जाने वाले लोक परिवहन एवं भारी बसें व्हाया बाबई, सांगाखेड़ा, बांद्राभान होते हुए इटारसी, बैतूल की ओर, बाबई से नर्मदापुरम, भोपाल की ओर जाने वाले लोक परिवहन एवं बसें व्हाया बाबई, सांगाखेड़ा, बांद्राभान होते हुए नर्मदापुरम, भोपाल की ओर, इटारसी, बैतूल से बाबई की ओर जाने वाले लोक परिवहन एवं बसें व्हाया इटारसी मंडी, धोखेड़ा, बांद्राभान, सांगाखेड़ा होते हुए बाबई की ओर, नर्मदापुरम/ भोपाल से बाबई की ओर जाने वाले लोक परिवहन एवं भारी वाहन व्हाया बांद्राभान, सांगाखेड़ा होते हुए बाई की ओर, बाबई से इटारसी , बैतूल की ओर जाने वाले लोक परिवहन एवं बसें व्हाया बाबई, बकतरा, शाहगंज, बांद्राभान, धोखेड़ा होते हुए इटारसी/बैतूल की ओर, बाबई से नर्मदापुरम, भोपाल की ओर जाने वाले भारी वाहन व्हाया बाबई, बकतरा, शाहगंज, बांद्राभान होते हुए नर्मदापुरम, भोपाल की ओर, इटारसी, बैतूल से बाबई , पिपरिया की ओर जाने वाले भारी वाहन व्हाया इटारसी मंडी, धोखेड़ा, बांद्राभान, शाहगंज, बकतरा होते हुए बाबई, पिपरिया की ओर , नर्मदापुरम , भोपाल से बाबई , पिपरिया की ओर जाने वाले भारी वाहन व्हाया बांद्राभान, शाहगंज, बकतरा होते हुए बाबई, पिपरिया की ओर डायवर्ट तथा भोपाल से बाबई, पिपरिया, जबलपुर की ओर जाने वाले भारी वाहन व्हाया गडरिया नाला, बांद्राभान, शाहगंज, बकतरा होते हुए बाबई, पिपरिया की ओर डायवर्ट किया गया है।

कलेक्टर ने दिए थे जांच के आदेश
तवा पुल की मरम्मत में हुई लापरवाही को लेकर कलेक्टर नीरज सिंह ने जांच के आदेश दिए थे। जांच में सामने आया कि संबंधित कंपनी ने ज्वाइंट सस्पेंशन का काम सही तरीके से नहीं किया है। इतना ही नहीं न्यूपिन बैरिंग में जंग लग चुकी है, लेकिन इसे भी नहीं सुधारा गया। जर्जर पुल को मरम्मत कार्य किए बगैर ही खोल दिया गया।

कई जगहों से क्षतिग्रसत है तवा पुल
प्रदेश के सबसे लंबे पुल में तवा पुल शुमार है। करीब आठ सौ मीटर लंबा पुल है। स्टेट हाईवे 22 नर्मदापुरम से पिपरिया के बीच स्थित पुल की लंबाई करीब आठ साै मीटर है। इसकी मरम्मत में संबंधित कंपनी ने 1 करोड़ 84 लाख रुपये खर्च कर दिए। इसके बावजूद भी काम पूरा नहीं किया जा सका। एमपीआरडीसी के अधिकारियों की माने तो संबंधित कंपनी को कई बार काम की गुणवत्ता लाने के लिए कहा गया, इतना ही नहीं नोटिस तक जारी किए गए, लेकिन इन सब के बावजूद भी काम में सुधार नहीं किया गया।

वैकल्पिक मार्ग से निकालने पड़ रहे वाहन
तवा पुल की हालत अभी ऐसी नहीं है कि भारी वाहनों को निकाला जा सका। जिला प्रशासन ने वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था करने के लिए एमपीआरडीसी के अधिकारियों को निर्देशित किया है। तवा पुल के ठीक बाजू में ही कच्चा मार्ग तैयार किया गया है, जहां से बड़े वाहन निकाले जा रहे हैं। वैकल्पिक मार्ग से ट्रैक्टर ट्राली व अन्य वाहन निकल रहे हैं, जिसके कारण यह मार्ग भी जर्जर हालत में पहुंच गया है।

भारी वाहनों को बायपास से निकाला जा रहा
पिपरिया की ओर से आने वाले वाहनों को तवा पुल के पास बने बायपास से निकाला जा रहा है। यातायात के बढ़ते दबाव के चलते ग्राम जावली के पास बना बायपास भी बुरी तरह से उखड़ चुका है। यहां से निकलने वाले वाहन चालकों को काफी समय लग रहा है।

तवा पुल से निकलने में घबरा रहे लोग
तवा पुल की हालत को देख यहां से निकलने वाले वाहन चालकों में डर बना हुआ है। कई बार भारी वाहनों को परिर्वतित मार्ग का ध्यान नहीं रहता है ऐसे में वे पुल के ऊपर से ही निकल जाते हैं। ऐसी स्थित में पुल बुरी तरह से हिलने लगता हैं हालांकि एमपीआरडीसी के अधिकारियों का कहना है कि पुल का निर्माण ऐसा किया जाता है कि सस्पेंशन काम कर सकें।

नया टेंडर निकालने की प्रक्रिया शुरू
तवा पुल की मरम्मत में हुई लापरवाही के बाद जिला प्रशासन अब नये ठेकेदार की तलाश कर रहा है। इसके लिए एमपीआरडीसी को टेंडर निकालने के आदेश दिए गए हैं। हाल ही में कलेक्टर नीरज सिंह ने एमपीआरडीसी के अधिकारियों के साथ बैठक कर तवा पुल की मरम्मत का काम कराने के निर्देश दिए हैं।

सुखतवा पुल हादसे के बाद उठाया कदम
नेशनल हाइवे 69 पर स्थित ब्रिटिश काल में बना पुल 10 अप्रैल को गिर गया था। कार्गो कंपनी के ट्राले का 127 टन वजन पुल सहन नहीं कर सका था, जिसके कारण पुल धाराशायी हो गया था। सेना ने पुल पर अस्थाई मार्ग तैयार किया, लेकिन इस मार्ग पर वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। ढलान अधिक होने के कारण वाहन चढ़ने में दिक्कत में है। एसडीएम मदन सिंह रघुवंशी के साथ ही जिला प्रशासन की टीम व्यवस्थाओं को बनाने में लगी हुई है।

इनका कहना
एमपीआरडीसी के संभागीय प्रबंधक की ओर से कार्रवाई के लिए आवेदन प्राप्त हुआ था। आवेदन की जांच के उपरांत संबंधित कंपनी के विरुद्ध धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया गया है।
अनूप सिंह नैन, थाना प्रभारी, देहात थाना नर्मदापुरम

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