Monday, March 2

हाट-बाजार और पर्यटन स्थलों तक जाने वाली 1660 सड़कों का जल्द होगा निर्माण, ग्रामीण विभाग ने तैयार की कार्ययोजना

हाट-बाजार और पर्यटन स्थलों तक जाने वाली 1660 सड़कों का जल्द होगा निर्माण, ग्रामीण विभाग ने तैयार की कार्ययोजना


पटना
राज्य के हाट-बाजार व पर्यटन स्थलों तक आने-जाने के लिए प्राथमिकता के आधार पर सड़कों का निर्माण होगा। ये मौजूदा सड़कों के अलावा होंगी। ग्रामीण कार्य विभाग ने इसकी कार्ययोजना तैयार कर ली है। विभाग ने ऐसी 1660 सड़कों को चिह्नित कर लिया है। इस योजना के तहत राज्य में 12 हजार किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण होगा। आत्मनिर्भर बिहार के सात निश्चय पार्ट दो के तहत अतिरिक्त सुलभ संपर्कता योजना के तहत इन सड़कों का निर्माण होगा। इसके तहत प्रखंड या जिलों में दूरदराज पंचायतों, बड़े गांवों को आपस में जोड़ते हुए अतिरिक्त सड़कों का निर्माण किया जाएगा। खासकर प्रशासनिक इकाई यानि अंचल, प्रखंड व थाना जाने के लिए सड़कों का निर्माण होगा। साथ ही बाजार, स्वास्थ्य यानी अस्पताल, शैक्षणिक, पर्यटन, यातायात, बैंक, फ्यूल स्टेशन, छोटे उद्योग, बाढ़ आश्रय स्थल को पक्की सड़क से जोड़ा जाएगा। सड़कों का चयन करने से पहले विधानमंडल के सदस्यों से राय ली गई है।

इसके अलावा विभागीय स्तर पर प्रखंडवार सड़कों का चयन किया गया है। लोगों की सुविधा के लिए जियो-टैग कर प्राथमिकता क्षेत्र तय किया गया है। इसके आधार पर सड़कों की ग्रेडिंग की गई है और राज्य स्तर पर उसका नेटवर्क तैयार किया गया है। राज्य भर में ऐसी 1660 सड़कों का चयन किया गया है, जिसकी लंबाई 12 हजार 555 किलोमीटर है। विभागीय स्तर पर बनी समेकित सूची को प्राथमिकता सूची के अनुसार रैंकिंग कर दी गई है।   इसी रैंकिंग के आधार पर सड़कों का निर्माण किया जाएगा। इन सड़कों के निर्माण में पर्यावरण का खास ख्याल रखा जाएगा। सड़कों के निर्माण या मरम्मत के दौरान सड़क किनारे पेड़-पौधे लगाए जाएंगे। इस योजना पर काम शुरू करने के लिए जल्द ही कैबिनेट को प्रस्ताव भेजा जाएगा। इस योजना पर काम करने के लिए 200 करोड़ का आवंटन कर दिया गया है। सभी जिले को आवश्यकतानुसार राशि दी जाएगी।

मानवरहित होगी निगरानी
सड़कों की निगरानी मानवरहित होगी। मुख्यालय स्तर पर सॉफ्टवेयर आधारित अनुरक्षण अनुश्रवण कोषांग का गठन किया जाएगा। प्रायोगिक रूप से इसे वैशाली जिले से शुरू किया जाएगा। इस काम में आईआईटी इंदौर की सहायता ली जा रही है। इस प्रणाली में आधुनिक तकनीक के उपयोग से 1000 किलोमीटर अनुरक्षणाधीन पथों में मोटर वाहन पर लगे थ्री डी इमेजिंग कैमरा द्वारा निरीक्षण कर सड़कों में पाई गई त्रुटियों को चिह्नित कर मरम्मत व अनुरक्षण किया जाएगा। ग्रामीण कार्य विभाग के मंत्री जयंत राज ने कहा, 'ग्रामीण क्षेत्रों की आधारभूत संरचना के विकास के लिए उन्नत कोटि की बारहमासी सड़कों का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए राज्य के सभी अनजुड़े बसावटों को संपर्कता प्रदान करने के लिए सड़कों का निर्माण किया जाएगा।'

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