Saturday, January 17

पिछली शताब्दी की सोच से अगली शताब्दी की मजबूती का संकल्प नहीं कर सकते, पर तेज गति से बदलते हुए विश्व के हिसाब से चलना होगा: मोदी

पिछली शताब्दी की सोच से अगली शताब्दी की मजबूती का संकल्प नहीं कर सकते, पर तेज गति से बदलते हुए विश्व के हिसाब से चलना होगा: मोदी


नई दिल्ली। सिविल सेवा दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 21 अप्रैल को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार प्रदान किए। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान सिविल अधिकारियों को संबोधित भी किया। इस वर्ष 5 चिन्हित प्राथमिकता कार्यक्रमों और लोक प्रशासन/सेवाएं प्रदान करना आदि के क्षेत्र में नवाचारों के लिए कुल 16 पुरस्कार दिए गए।

मोदी ने कहा-आज़ादी के अमृत काल 75 साल की इस यात्रा में भारत को आगे बढ़ाने में सरदार पटेल का सिविल सर्विस का जो तोहफा है। इसके जो ध्वजवाहक लोग रहे हैं,उन्होंने इस देश की प्रगति में कुछ न कुछ योगदान दिया ही है। उन सभी को स्मरण करना अमृत काल में सिविल सर्विस को ऑनर करने वाला विषय बन जाएगा।

मोदी ने जोर दिया- हम पिछली शताब्दी की सोच और नीति नियमों से अगली शताब्दी की मजबूती का संकल्प नहीं कर सकते हैं इसलिए हमारी व्यवस्थाओं, नियमों और परंपराओं में पहले शायद बदलाव लाने में 30-40 साल लग जाते थे तब ऐसा चलता होगा। लेकिन तेज गति से बदलते हुए विश्व में हमें पल-पल के हिसाब से चलना पड़ेगा।

हमारे सामने तीन लक्ष्य
मोदी ने कहा-हम एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में है और हमारे सामने तीन लक्ष्य साफ-साफ होने चाहिए। पहला लक्ष्य है कि देश में सामान्य से सामान्य मानवी के जीवन में बदलाव आए और उसे इसका एहसास भी हो, दूसरा- आज हम भारत में कुछ भी करें, उसको वैश्विक सन्दर्भ में करना समय की मांग है। तीसरा- व्यवस्था में हम कहीं पर भी हों, लेकिन जिस व्यवस्था से हम निकले हैं, उसमें हमारी मुख्य जिम्मेदारी देश की एकता और अखंडता है।

1500 कानून खत्म किए
मोदी ने बताया-देश में सैंकड़ों कानून ऐसे थे, जो देश के नागरिकों के लिए बोझ बन गए थे। प्रधानमंत्री बनने के बाद पहले 5 साल में मैंने 1,500 ऐसे कानून खत्म किए।

20 साल से कर रहा हूं संवाद
मोदी ने कहा-आप जैसे साथियों से इस प्रकार से संवाद मैं लगभग 20-22 साल से कर रहा हूं। पहले मुख्यमंत्री के रूप में करता था और अब प्रधानमंत्री के रूप में कर रहा हूं। उसके कारण एक प्रकार से कुछ मैं आपसे सीखता हूं और कुछ अपनी बातें आप तक पहुंचा पाता हूं। आप सभी को सिविल सेवा दिवस की बधाई। आज जिन साथियों को पुरस्कार मिले हैं उनको और उनकी पूरी टीम को मेरे तरफ से बहुत बधाई। जिन्हें आज पुरस्कार मिला है वो हर हफ्ते वर्चुअली ट्रेनी को अपनी कल्पना और कौन-सी कठिनाई आई उसकी प्रेजेंटेशन दें। इससे नई पीढ़ी को लाभ मिलेगा।

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