पटना
पटना के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एनेस्थीसिया विभाग में डॉक्टरों की कमी से मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। इसके चलते कई विभागों में ऑपरेशन की तारीखें बढ़ाई जा रही हैं। समय पर ऑपरेशन नहीं होने से मरीजों को ज्यादा दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ता है। हड्डी रोग, सर्जरी, स्त्री व प्रसूति रोग से लेकर इमरजेंसी तक में एनेस्थिसिया के विशेषज्ञ चिकित्सकों की जरूरत पड़ती है। पीएमसीएच, एनएमसीएच में इस विभाग में प्रोफेसर से लेकर सीनियर रेजिडेंट के आधे से ज्यादा पद खाली हैं।
पीएमसीएच: 25 सीनियर रेजीडेंट में छह पर ही तैनाती
पीएमसीएच के एनेस्थीसिया विभाग में प्रोफेसर के तीन में से एक पद पर ही अनुबंध पर नियुक्ति है। वहीं मात्र छह एसोसिएट और सात असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। सीनियर रेजिडेंट के 25 पदों में से मात्र छह पर ही नियुक्ति है। उनमें से एक महिला चिकित्सक पिछले कई महीने से मातृत्व अवकाश पर हैं। विभाग के अध्यक्ष डॉ. विनोद कुमार कश्यप ने बताया कि एक साथ कई विभागों में ऑपरेशन चलते हैं। वहां एनेस्थेटिक की जरूरत पड़ती है। ऐसे में कई बार डॉक्टरों की कमी से थेाड़ी मुश्किल होती है। अभी किसी तरह ऑपरेशन किया जाता है। डॉक्टरों की कमी के कारण एक-एक एनेस्थेटिक पर ही काम का दबाव ज्यादा होता है।

