Friday, April 17

व्यापारी किसानों से सीधे नहीं कर सकेंगे अनाज की खरीदारी, अब तक 3 लाख टन गेहूं एक्सपोर्ट

व्यापारी किसानों से सीधे नहीं कर सकेंगे अनाज की खरीदारी, अब तक 3 लाख टन गेहूं एक्सपोर्ट


भोपाल
मध्यप्रदेश का तीन लाख टन गेहूं अब तक विदेशों में निर्यात हो चुका है। राज्य के बाहर के निर्यातकों को गेहूं और अन्य अनाज निर्यात के लिए प्रोत्साहित करने राज्य सरकार ने लाइसेंस फीस घटाकर एक हजार रुपए कर दी है। लेकिन इसमें यह शर्त रहेगी कि वे किसानों से सीधे गेहूं या अनाज नहीं खरीद सकेंगे बल्कि राज्य के अन्य व्यापारियों से बेस्ट गेहूूं और अनाज खरीदकर उन्हें निर्यात करना होगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान चाहते थे कि निर्यातकों को प्रोत्साहित किया जाए ताकि मध्यप्रदेश का अनाज विदेशों में अपनी पहचान बना सके।

इसको ध्यान में रखते हुए कृषि विभाग ने  राज्य के बाहर के निर्यातकों के लिए प्रदेश का गेहूं खरीदकर निर्यात करने के लिए मात्र एक हजार रुपए में लाइसेंस जारी करने का निर्णय लिया है। शेष राज्य के भीतर के निर्यातकों को अपने अनाज निर्यात के विशेष लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए बीस हजार रुपए खर्च करने होंगे। यह राशि मंडी बोर्ड में जमा कराई जाएगी। जो राज्य के बाहर के निर्यातक है उन्हें साल भर में न्यूनतम सौ मीट्रिक टन गेहूं निर्यात करा जरुरी होगा। लेकिन वे किसानों से सीधे गेहूं नहीं खरीद सकेंगे। निर्यातम के मामले में राज्य से खरीदी गई कृषि उपज पर भुगता की गई मंडी फीस राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर घोषित निर्यात प्रोत्साहन योजा के अंतर्गत निर्धारित प्रक्रिया एवं उपबंधों के अनुसार प्रतिपूर्ति योग्य होगी।  

जमा करना होगी गारंटी
निर्यातक लाइसेंस धारक व्यापारियों को केवल वाणिज्यिक संव्यवहार अथवा मंउी, उपमंडी प्रांगण से उपज खरीदी करे पर क्रय केद्र स्थापित करे की बाध्यता नहीं होगी।  राज्य के बाहर के निर्यातक यदि किसानों से सीधे गेहूं खरीदना चाहेंगे तो उन्हें तीन लाख रुपए गारंटी के रुप में मंडी बोर्ड में जमा कराना अनिवार्य होगा। यह राशि एफडीआर के रुप में बैंक गारंटी के रुप में जमा कराना होगा।

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