छतरपुर
बुंदेलखण्ड क्षेत्र के टटम गांव के एक युवा द्वारा डिजायन किये हुए 'लोगो' का अब भारत और बांग्लादेश सरकार ने मिलकर संयुक्त रूप से चयन किया है। दरअसल बांग्लादेश की स्वतंत्रता की 50वीं वर्षगांठ के साथ-साथ भारत- बांग्लादेश की द्विपक्षीय राजनयिक संबंधों की स्थापना के मद्देनजर ऐतिहासिक दिन को चिह्नित करते हुए "मैत्री दिवस" मनाने के लिए इस लोगो को डिजायन कराया गया है।
बांग्लादेश की स्वतंत्रता की 50वीं वर्षगांठ के साथ-साथ द्विपक्षीय राजनयिक संबंधों की स्थापना के मद्देनजर, भारत- बांग्लादेश के दोनों पक्ष सहित 18 चुनिंदा देश इन युगांतरकारी घटनाओं को संयुक्त रूप से मनाने के लिए सहमत हुए हैं। ऐतिहासिक दिन को चिह्नित करते हुए, द्विपक्षीय संबंधों और सौहार्द को मजबूत करने के उद्देश्य से नई दिल्ली और ढाका ने संयुक्त रूप से "मैत्री दिवस" मनाने के लिए एक 'लोगो' डिजाइनिंग प्रतियोगिता आयोजित करने का निर्णय लिया था।
इस प्रतियोगिता का उद्देश्य 06 दिसंबर को 'मैत्री दिवस' या मित्रता दिवस के रूप में चिन्हित करना है। यह प्रतियोगिता भारत और बांग्लादेश के सभी नागरिकों के लिए आयोजित की गई। प्रतियोगिता दो श्रेणियों में आयोजित हुई। पहले 'लोगो' डिजायन के लिए और दूसरी बैकड्रॉप डिजाइन के लिए।

