मौसम में बदलाव से वायरस की फैलने की क्षमता के साथ ही साथ हमारे बॉडी की रोग लड़ने की क्षमता प्रभावित होती है। सर्दियों में, ठंडी, शुष्क हवा और सूरज की रोशनी की कमी, श्वसन संक्रमण जैसे कोरोना वायरस से बचने की हमारी क्षमता को नकारात्मक रूप से प्रभावित करती है। वहीं, यह मौसम वायरस को बढ़ने के लिए अनुकूल होता है। इसलिए ठंड के दिनों में हम ज्यादा और जल्दी बीमारी पड़ जाते हैं।
एक्सपर्ट ने बताती हैं कि बॉडी की इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए हमें विटामिन डी , जिंक और विटामिन सी की कमी से बचना चाहिए। वैसे तो इन विटामिन्स के सप्लीमेंट भी मौजूद हैं, लेकिन इसे नेचुरल तरीके से प्राप्त करना आपके लिए ज्यादा फायदेमंद साबित होता है। इसके लिए आपको सर्दी में उन साग, सब्जियों को अपने डाइट में शामिल करना है, जो इन तीन विटामिन से भरपूर हो।
ठंड में कमजोर इम्यूनिटी से होने वाले रोग
सर्दी
खांसी जुकाम
रेस्पिरेटरी सिंकिटियल वायरस
फ्लू
क्रुप
निमोनिया
पेट का इंफेक्शन
कोविड
इम्यूनिटी के लिए जरूरी है विटामिन डी
एक्सपर्ट बताती हैं कि विटामिन डी शरीर को आवश्यक खनिजों को अवशोषित और मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने में मदद करता है। साथ ही कोशिकाओं के बेहतर विकास को बढ़ावा देने और प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत बनाने का काम करता है। ऐसे में यदि आप ठंड में कमजोर इम्यूनिटी के वजह से बीमारियों के शिकार नहीं होना चाहते हैं तो अंडे, हरी सब्जियां, सी-फूड का सेवन करें।
विटामिन सी करता है इम्यूनिटी बूस्ट
विटामिन सी प्रतिरक्षा प्रणाली की कमियों को दूर करके इसे बूस्ट करने का काम करता है। विटामिन सी विशेष रूप से ठंड के दिनों में सबसे ज्यादा होने वाली सर्दी और फ्लू की परेशानी को रोकने में सहायक होता है। नेचुरल तरीके से इसे प्राप्त करने के लिए ब्रोकोली, फूलगोभी, ब्रसेल्स स्प्राउट्स, गोभी, खट्टे फल (कीवी, संतरा, अमरूद, नींबू, अंगूर), आंवला, पपीता, शिमला मिर्च, हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करें।
जिंक की कमी से तेजी से होता है इंफेक्शन
एक्सपर्ट बताते हैं कि जिंक एक एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करता है। यह पोषक तत्व बॉडी को मुक्त कणों से बचाता है, हार्मोन को संतुलित करता है, ऊतकों की मरम्मत करता है और स्वस्थ प्रतिरक्षा और पाचन को भी बढ़ावा देता है। सर्दी में इसके लेवल को बनाए रखने के लिए अंडे, नट्स, चिकन, तरबूज के बीज, दाल, डेयरी प्रोडक्ट, साबुत अनाज का सेवन करें।

