शहडोल
पुलिस लाइन से लगी सरकारी भूमि को गुरुवार को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है।चार हजार वर्ग फीट भूमि पर अवैध तरीके से कब्जा करके वसीम खान पुत्र सरीफ खान निवासी वार्ड नंबर 16 ने भवन बना लिया था और मदरसा संचालित कर रहा था। राजस्व विभाग द्वारा बेदखली का आदेश पारित करने के बाद लगातार नोटिस देकर भूमि खाली कराने को कहा, लेकिन वसीम खान ने भूमि खाली नहीं किया।
एक सप्ताह पहले भी दो नोटिस दिए गए और बुधवार को राजस्व विभाग, नगर पालिका एवं पुलिस विभाग का अमला जेसीबी मशीन के साथ पहुंचा और अतिक्रमण कर बनाए गए भवन को गिरा दिया। सुबह 10.30 बजे टीम पहुंच गई थी, लेकिन भवन तोड़ने की कार्रवाई दोपहर बाद हो पाई और देर शाम तक चलती रही। चार हजार वर्गफीट पर बने मकान को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया है। जिस जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है, वह पुलिस विभाग की थी, जिसकी वर्तमान में चालीस लाख रुपये कीमत है। सोहागपुर तहसीलदार लवकुश शुक्ला ने बताया कि वसीम खान ने सरकारी भूमि पर कब्जा करके मकान बनाया था। यहां रहता था और मदरसा संचालित करता था। गुरुवार को एसडीएम नरेंद्र सिंह, नगर पालिका अधिकारी अमित तिवारी और पुलिस बल की उपस्थिति में मकान गिरा कर पुलिस विभाग की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है। तहसीलदार ने बताया कि जून में बेदखली का आदेश हो गया था और लगातार नोटिस देकर भूमि खाली कराने को कहा जा रहा था। जब भूमि खाली नहीं हुई तो गुुरुवार को कड़ी सुरक्षा के बीच भवन गिराकर भूमि खाली कराई गई है।

