Sunday, March 1

घरेलू नुस्‍खों से छूमंतर हो जाएगा कैसा भी दर्द

घरेलू नुस्‍खों से छूमंतर हो जाएगा कैसा भी दर्द


दर्द से लड़ने के लिए दर्द निवारक यानी पेनक‍िलर सबसे तेज़ समाधानों में से एक है। ज्यादातर लोग छोटी-मोटी तकलीफ के बाद भी दर्द निवारक दवा लेना पसंद करते हैं। लेकिन दर्द निवारक दवाओं का बहुत अधिक सेवन कई स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़ा हुआ है। दर्द निवारक दवाएं कई गंभीर स्वास्थ्य स्थितियों के जोखिम को बढ़ा सकता है। कई अध्ययनों ने बहुत अधिक दर्द निवारक दवाओं के उपयोग के हानिकारक प्रभावों पर भी प्रकाश डाला है। दर्द से लड़ने के लिए आप कई प्राकृतिक सामग्रियों का उपयोग कर सकते हैं। इनमें से अधिकतर सामग्रियां आपके किचन के अंदर मौजूद हैं। दर्द निवारक दवाओं के ये प्राकृतिक विकल्प औषधीय गुणों से भरपूर हैं। दर्द निवारक दवाओं के उपयोग को कम करने के लिए आपको कुछ स्वस्थ आहार और जीवन शैली में बदलाव लाने बहुत जरुरी है जो आपको स्वस्थ रहने में मदद करते हैं। यहां दर्द निवारक दवाओं के कुछ प्राकृतिक विकल्प दिए गए हैं।

अदरक
अदरक आमतौर पर आपके चाय के प्याले में एक मजबूत स्वाद जोड़ने के लिए प्रयोग किया जाता है। अदरक कई स्वास्थ्य लाभों से भी भरा हुआ है। यह आपको सूजन और मांसपेशियों के दर्द से लड़ने में भी मदद कर सकता है। यह सर्दी और खांसी के इलाज में भी सहायक है। सर्दियों के मौसम में अदरक की चाय एक आदर्श विकल्प है। आप खाद्य पदार्थों में ताजा कच्चा अदरक भी मिला सकते हैं।

लौंग
लौंग का इस्तेमाल दांतों के दर्द के लिए किया जाता है। एक मजबूत सुगंध और स्वाद के साथ, लौंग आपके खाद्य पदार्थों में अतिरिक्त स्वाद जोड़ने में मदद कर सकती है। दांत दर्द, सूजन, दर्द, जी मिचलाना और सर्दी से लड़ने के लिए आप लौंग का इस्तेमाल कर सकते हैं। लौंग में एंटी-फंगल गुण भी होते हैं। यह मसाला औषधीय गुणों से भरपूर है। आप लौंग का इस्तेमाल विभिन्न व्यंजनों में कर सकते हैं या लौंग की चाय भी एक स्वस्थ विकल्प है।

हल्‍दी
इस मसाले का उपयोग गठिया के दर्द और हार्टबर्न जैसी समस्‍याओं को दूर करने और सूजन को कम करने के लिए किया गया है। यह स्पष्ट नहीं है कि हल्दी दर्द या सूजन के खिलाफ कैसे काम करती है, लेकिन इसकी गतिविधि करक्यूमिन नामक एक रसायन के कारण हो सकती है, जिसमें सूजन-रोधी गुण होते हैं। हल्दी आमतौर पर उपयोग करने के लिए सुरक्षित है, लेकिन उच्च खुराक या लंबे समय तक उपयोग से अपच हो सकता है। साथ ही गॉलब्लैडर की बीमारी वाले लोगों को हल्दी के सेवन से बचना चाहिए।

एसेंशियल ऑयल
एसेंशियल ऑयल के कई उपयोग हो सकते हैं। कुछ एसेंशियल ऑयल आपको दर्द से भी लड़ने में मदद कर सकते हैं। लैवेंडर का तेल, मेंहदी का तेल, नीलगिरी का तेल और पेपरमिंट का तेल दर्द निवारक गुण प्रदान कर सकते हैं। लेकिन कभी भी एसेंशियल ऑयल का सीधे तौर पर इस्तेमाल न करें। पहले एसेंशियल ऑयल का इस्‍तेमाल क‍िसी कैरियर ऑयल में मिलाकर जरुर करें।

हॉट एंड कोल्‍ड थैरेपी
हॉट एंड कोल्‍ड थैरेपी लंबे समय से उपयोग में हैं। चोट लगी हुई या दर्द होने वाली प्रभावित जगह पर आइस पैक या हीट बैग के इस्तेमाल से आपको कुछ राहत मिल सकती है। हीट बैग आपको सूजन से भी राहत दिला सकता है।

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