Monday, March 2

राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए जागरुकता पोस्टर का विमोचन

राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए जागरुकता पोस्टर का विमोचन


जयपुर। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा 14 मई, 2022 को आयोजित की जाने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत एवं बाल विवाह निषेध अधिनियम के बारे में आम जन को जागरुक करने के लिए पोस्टर और वीडियो का विमोचन जयपुर स्थित राजस्थान उच्च न्यायालय में किया गया।

इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जालौर एवं झालावाड़ द्वारा राष्ट्रीय लोक अदालत के महत्व एवं उपयोगिता के बारे में तैयार किए गए जनजागरुकता पोस्टर्स माननीय कार्यवाहक मुख्य न्यायाधिपति, कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजस्थान उच्च न्यायालय श्री एम.एन. श्रीवास्तव एवं अन्य न्यायाधीश, रालसा के पदाधिकारियों द्वारा विमोचन किया गया।

इस मौके पर कार्यवाहक मुख्य न्याधिपति ने समारोह को संबोधित करते हुए बताया कि आगामी 14 मई को राष्ट्रीय लोक अदालतों के तहत राजस्थान में 1000 से ज्यादा पीठ गठित की जाएंगी। जिनके माध्यम से दंपतियों के बीच झगड़ों, खातेदारी के कलह, बंटवारा के दावे, ऋण संबंधित संबंधित मामलों को आपसी समझाइश से सुलझाया जाएगा।

उन्होंने बताया कि इन अदालतों के माध्यम से आपसी समझाइश के माध्यम से ना कोई हारा- ना कोई जीता की थीम पर प्रकरणों का त्वरित निस्तारण किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि ये लोक अदालतें सिर्फ कुछ प्रकरणों के लिए गठित नहीं की गई हैं, बल्कि ये लोक अदालत सभी तरह के मुकदमों का आपसी समझाइश के आधार पर निपटारे के लिए गठित की गई हैं। इनकी मदद से समाज व परिवार में आपसी समझाइश से निपटाए गए प्रकरणों के माध्यम से न्याय का स्थायित्व व आपसी सौहार्द का वातावरण विकसित होता है। जहां न्यायालयों में प्रकरणों के समाधान में काफी समय लगता है, वहीं लोक अदालतों में प्रकरणों का आपसी समझाइश से त्वरित व स्थायी समाधान संभव हो पाता है।

इस मौके पर माननीय न्यायधिपति,श्री विजय विश्नोई,वरिष्ठ न्यायधीश, एवं अध्यक्ष,राजस्थान उच्च न्यायलय विधिक सेवा समिति जोधपुर एवं श्री प्रकाश गुप्ता वरिष्ठ न्यायधीश एवं अध्यक्ष राजस्थान उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति, विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव दिनेश गुप्ता एवं राल्सा के अन्य पद अधिकारी मौजूद रहें।

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