Saturday, January 17

चीन: शंघाई में बिगड़े हालात, कोरोना के मामलों ने बनाया नया रिकॉर्ड

चीन: शंघाई में बिगड़े हालात, कोरोना के मामलों ने बनाया नया रिकॉर्ड


 बीजिंग।
 

चीन के आर्थिक राजधानी और सबसे अधिक आबादी वाले शहर शंघाई में कोरोना लगातार बढ़़ रहा है। देश के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग (एनएचसी) ने शनिवार को कहा कि चीन के कुल 24,680 नए मामलों में अकेले शंघाई में 23,500 से अधिक नए मामलों की पुष्टि हुई है। 2.5 करोड़ की आबादी वाले शहर शंघाई में तीन सप्ताह का लॉकडाउन है। उत्तर पश्चिमी चीन के जियान शहर में स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक बाहर न निकलने का आग्रह किया है। इसके साथ ही झेंगझोऊ में भी लॉकडाउन लगा दिया गया है। वहीं फ्रांस, इटली और जर्मनी में दैनिक संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। यूरोप और अमेरिका में भी ओमिक्रॉन वैरिएंट के कारण अधिकांश राज्यों में मामले तेजी से बढ़़ें हैं। दूसरी तरफ दक्षिण कोरिया में कोरोना के लगातार कम हो रहे मामलों के बीच अगले सप्ताह से मास्क को छोड़कर सभी कोरोनोवायरस प्रतिबंधों को समाप्त कर दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री किम बू-क्यूम ने कहा कि सोमवार तक, रेस्तरां और बार को 24 घंटे संचालित करने की अनुमति होगी। शादियों और रैलियों में लोगो की निर्धारित संख्या से भी प्रतिबंध हटेंगे।

चीन को बड़ा झटका दे सकती है जीरो कोविड नीति
विश्लेषकों का कहना है कि चीन की शून्य-कोविड नीति से जीडीपी लक्ष्य की पूर्ति संभव नहीं है। क्योंकि पाबंदियों की वजह से आपूर्ति श्रृंखलाओं में गड़बड़ी, बंदरगाहों में देरी का सामना करना पड़ता है और शंघाई लॉकडाउन में फंसा रहता है। दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था ने 2022 के लिए दशकों में अपना सबसे कम वार्षिक सकल घरेलू उत्पाद लक्ष्य निर्धारित किया। विश्लेषकों ने कहा, देश के प्रमुख शहरों में उत्पादन प्रभावित होने से 5.5 प्रतिशत बढ़़ोतरी का आंकड़ा हासिल करना कठिन होगा।

12 वित्तीय संस्थानों के विशेषज्ञों ने जताई आशंका
दुनिया भर के 12 वित्तीय संस्थानों के विशेषज्ञों ने चीन की जीडीपी में 5.0 प्रतिशत वृद्धि दर रहने का अनुमान लगाया है। इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल फाइनेंस में चीन के शोध प्रमुख जीन मा ने कहा, चीन की अर्थव्यवस्था ने जनवरी और फरवरी में ऊर्जा की पर्याप्तता, घरेलू मांग में सुधार के साथ अच्छी शुरुआत की। लेकिन मार्च और अप्रैल में लॉकडाउन की वजह से आपूर्ति श्रृंखला और औद्योगिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुई।

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