नई दिल्ली
हरदेव नगर में कालोनी के बीचोंबीच वर्षों से गंदा नाला बह रहा है। वर्षों से इसकी सही तरीके से सफाई नहीं हुई है। ऐसे में यह पूरी तरह कूड़े से अटा पड़ा है, जिसके चलते ये नाले की जगह डंपिग ग्राउंड अधिक दिखता है। इससे हर वक्त निकलने वाली बदबू से लोगों को परेशानी होना भी स्वाभाविक ही है। यह नाला लोगों को दिनरात नारकीय यातना का अहसास करा रहा है। उन्हें नाले की गंदगी व बदबू के बीच ही दैनिक जीवनचर्या को अंजाम देना पड़ रहा है। कई बार शिकायतों के बावजूद भी नाले को ढकने की बात तो दूर उसकी सफाई नहीं की गई है। रअसल, झड़ौक्ष माजरा व आसपास की खेतों में फसलों की सिंचाई के लिए वर्षों पूर्व नाले का निर्माण कराया गया था। कालांतर में खेत सिकुड़ते चले गए और कालोनियां आबाद होती चली गईं। ऐसे में वर्ष 1986 के बाद हरदेव नगर पार्ट एक व दो कालोनी जब अस्तित्व में आई तो सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग का यह नाला आबादी के बीच में आ गया।
