नई दिल्ली
दिल्ली दंगे में चोरी, लूट व आगजनी के सात मामलों में कड़कड़डूमा कोर्ट ने पांच लोगों पर आरोप तय दिए। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र भट्ट के कोर्ट ने प्रथम दृष्टया साक्ष्यों को देख आरोप तय किया है। पिछले साल खजूरी खास इलाके में दंगे के दौरान हुई विभिन्न घटनाओं के छह मामलों में पुलिस ने आरोपित मिट्ठन सिंह और जानी कुमार के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था। इन सभी मामलों में इन आरोपितों के खिलाफ दंगा करने, गैर कानूनी समूह में शामिल होने, घातक हथियारों का इस्तेमाल करने, सरकारी आदेशों का उल्लंघन करने और आग लगाने का आरोप तय किया है। इनमें से एक-एक मामले में लूटपाट और चोरी का आरोप भी तय किया है। इसके अलावा खजूरी खास में एक अन्य मामले में इसी कोर्ट ने आरोपित जानी कुमार, मिट्ठन सिंह, अमित कुमार, कुंदन और अजय कुमार उर्फ लुक्का के खिलाफ दंगे के विभिन्न धाराओं के साथ आगजनी व अपराध के लिए दूसरों को उकसाने का आरोप तय किया है।
मोबाइल चोरी के आरोप में दो गिरफ्तार
इधर, प्रीत विहार थाना पुलिस ने मोबाइल चोरी के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया है। इनके कब्जे से दो मोबाइल बरामद हुए हैं। गिरफ्तार आरोपित शिवम उर्फ भूरा और नाबालिग ने ये मोबाइल चोरी किए थे। आरोपित सागर ने एक मोबाइल उनसे खरीदा था। सभी आरोपित पुरानी सीमापुरी के रहने वाले हैं। पुलिस ने इनके पकड़े जाने पर दो मामले सुलझाने का दावा किया है। पूर्वी जिला डीसीपी प्रियंका कश्यप ने बताया कि शास्त्री नगर के आराम पार्क की रहने वालीं तरन्नुम ने 29 अप्रैल को मोबाइल चोरी की ई-एफआइआर दर्ज कराई थी। आपरेशन सुदर्शन के तहत इस तरह की वारदात को रोकने के लिए एसीपी शिप्रा गिरी की देखरेख में प्रीत विहार एसएचओ हीरा लाल, सिपाही योगेश और धर्मेंद्र की टीम को तफ्तीश सौंपी गई थी। तकनीकी सर्विलांस के जरिये पुलिस चोरी के एक मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने वाले सागर तक पहुंची। पूछताछ में आरोपित ने बताया कि उसने यह फोन शिवम उर्फ भूरा और एक नाबालिग से तीन हजार रुपये में लिया था। उसने उनसे बिल भी मांगा था, जो उन्होंने नहीं दिया। दोनों ने उसे भरोसा दिया था कि फोन सही है। सागर की निशानदेही पर दोनों चोरों को दबोच लिया गया। इनके कब्जे से एक और मोबाइल फोन बरामद हुआ।

