जयपुर। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री डॉ. महेश जोशी ने बुधवार को विधानसभा में आश्वस्त किया कि ईसरदा बांध परियोजना के प्रथम चरण में जमवारामगढ़ विधानसभा क्षेत्र के कुछ हिस्से को जोड़ कर पेयजल आपूर्ति करने का पूरा प्रयास किया जाएगा।
डॉ.जोशी ने प्रश्नकाल में विधायकों द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए बताया कि ईसरदा बांध के द्वितीय चरण में जयपुर की जमवारामगढ़ तहसील शामिल है। उन्होंने बताया कि ईसरदा बांध परियोजना के प्रथम चरण में जमवारामगढ़ क्षेत्र के कुछ हिस्से को जोड़ने के लिए विभाग के अभियन्ताओं को कहा गया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि अगर व्यवहारिक रुप से संभव हुआ तो जमवारामगढ़ क्षेत्र के कुछ गांवों को ईसरदा बाँध परियोजना से पानी पहुँचाने के लिए प्रथम चरण से जोड़ने की कोशिश की जाएगी।
इससे पहले डॉ. जोशी ने प्रश्नकाल में विधायक श्री गोपाल लाल मीना के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में उन्होंने सतही जल स्रोत बीसलपुर बांध से जयपुर जिले हेतु तय जल आरक्षण के अनुरूप इस बांध आधारित परियोजना/योजनाओं से बस्सी एवं चाकसू विधानसभा क्षेत्र के पेयजल गुणवत्ता प्रभावित कस्बे एवं ग्रामों तथा बगरू विधान सभा क्षेत्र के पेयजल आपूर्ति से वंचित क्षेत्रों में की जा रही पेयजल आपूर्ति के संबंध में वांछित पूर्ण विवरण सदन के पटल पर रखा।
उन्होंने बताया कि भारत सरकार के समेकित प्रबन्धन सूचना तंत्र (आई.एम.आई.एस.) की 2 माचं 2022 की स्थिति के अनुसार जमवारामगढ़ विधानसभा क्षेत्र के किसी भी ग्राम एवं ढाणी के स्थानीय भू-जल में फ्लोराईड एवं टी.डी.एस. (खारेपन) की मात्रा पेयजल हेतु निर्धारित मानकों से अधिक नहीं है । उन्होंने बताया कि सतही जल स्रोत बीसलपुर बांध में पेयजल आपूर्ति हेतु तय आरक्षण के अनुरूप जयपुर, टोंक एवं अजमेर जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाएं क्रियान्वित की गई/जा रही हैं । उन्होंने बताया कि बांध में अतिरिक्त पानी की उपलब्धता नहीं होने के कारण, इस बांध से जमवारामगढ़ विधान सभा क्षेत्र में पेयजल उपलब्ध कराया जाना वर्तमान परिपेक्ष्य में विचाराधीन नहीं है ।
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री ने बताया कि 24 फरवरी, 2021 को प्रस्तुत बजट भाषण में ईसरदा बांध परियोजना के द्वितीय चरण के रूप में जयपुर जिले की चाकसू, बस्सी, कोटपूतली, चौमूं, जमवारामगढ़, विराटनगर, शाहपुरा तहसीलों के 7 कस्बे एवं 1 हजार 394 गांव व अलवर जिले की उमरेण, रैणी, बानसूर, थानागाजी, राजगढ़, कठूमर एवं लक्ष्मणगढ़ ब्लॉक के 4 कस्बों एवं 1 हजार 61 गांवों को सतही पेयजल उपलब्ध कराने हेतु डी.पी.आर. बनाये जाने बाबत घोषणा की गई थी ।
डॉ.जोशी ने बताया कि इस बजट घोषणा की अनुपालना में राज्य स्तरीय योजना स्वीकृति समिति (एस.एल.एस.सी.सी.) की 24वीं बैठक 26 मई 2021 द्वारा डी.पी.आर. तैयार करने के कार्य हेतु राशि रुपये 1.02 करोड़ की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी की जाकर चयनित सलाहकार फर्म द्वारा डी.पी.आर. तैयार करने का कार्य वर्तमान में प्रक्रियाधीन है । उन्होंने बताया कि डी.पी.आर. तैयार होने पर इसके तकनीकी परीक्षण उपरांत परियोजना स्वीकृत की जाकर इसका क्रियान्वयन प्रारम्भ करने का कार्य हाथ में लिया जायेगा ।

