भोपाल
प्रदेश में भाजपा का जनाधार बढ़े और हर कार्यकर्ता को काम मिले, इस थीम पर ग्राम व नगर केंद्रों के जरिये बूथों तक पहुंचने वाले विस्तारक और जिला प्रबंध समिति काम करेगी। जिला प्रबंध समिति डिजिटल मैपिंग कराकर हर विस्तारक के टास्क की मानीटरिंग भी करेगी। इसके लिए प्रदेश संगठन ने सभी 57 जिलों में बनाई गई जिला प्रबंध समिति में हर जिले में दस से बारह सदस्यों को शामिल किया है जो बूथ, मंडल और प्रदेश संगठन के बीच सेतु का काम करेगी। संगठन विस्तार में जुटी भाजपा ने जिला प्रबंध समिति के जरिये संगठनात्मक कामों के विकेंद्रीकरण की व्यवस्था ठीक उसी तरह से की है जैसे सरकार द्वारा योजनाओं के क्रियान्वयन की मैदानी रिपोर्ट लेने के लिए पंचायतों और नगरीय निकायों में जनप्रतिनिधियों के निर्वाचन कराकर जिम्मेदारी सौंपी जाती रही है। इस विकेंद्रीकरण में जिलों की आबादी और महत्व के हिसाब से कमेटी बनाई गई है जिसमें प्रभारी मंत्री, 3 जिला महामंत्री, जिला अध्यक्ष, जिले से राज्य सरकार में मंत्री, प्रदेश पदाधिकारी, वरिष्ठ विधायक, संभाग के प्रभारी, वरिष्ठ कार्यकर्ता स्तर के जनप्रतिनिधियों को मौका दिया गया है। ये जनप्रतिनिधि प्रदेश संगठन द्वारा जिलों को सौंपे जाने वाले कामों की मानीटरिंग करेंगे। इस समिति की पहली जिम्मेदारी जनवरी में बूथों पर जाने वाले विस्तारकों के हर काम की मानीटरिंग करना है।
ये विस्तारक डिजिटल मैपिंग के जरिये अपनी काम की रिपोर्ट से संगठन को अवगत कराएंगे। हर विधानसभा में विस्तारकों को ग्राम नगर केंद्र स्तर पर भेजने की तैयारी पूरी कर ली गई है और संगठन ने एक माह का कार्यक्रम भी तय कर दिया है। यह जिला प्रबंध समिति इसकी अपडेट लेगी और प्रदेश संगठन को फीडबैक देगी।
विस्तारकों को टेÑंड करने के लिए अगले माह पांच और छह जनवरी को प्रदेश कार्यालय में कार्यशाला प्रस्तावित की गई है। इस कार्यशाला में संगठन से लोगों को जोड़ने के लिए तय की जाने वाली रणनीति के बारे में मास्टर टेÑनर्स को बताया जाएगा जो जिलों में जाकर विस्तारकों को इससे अवगत कराएंगे। खास बात यह है कि पूरी प्रक्रिया डिजिटल रहेगी ताकि विस्तारकों के प्रवास की एक्चुअल रिपोर्ट मिलती रहे।

