नालंदा.
राजगीर स्थित दिगंबर जैन धर्मशाला में शुक्रवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब एक कमरे से तेज दुर्गंध आने लगी। सूचना पर डीएसपी सुनील कुमार सिंह और थानाध्यक्ष रमण कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। दंडाधिकारी की निगरानी में जब कमरा नंबर छह-एबी का दरवाजा खोला गया, तो अंदर का दृश्य रोंगटे खड़े कर देने वाला था।
मामले की गहराई से जांच के लिए एसडीपीओ सुनील कुमार सिंह के नेतृत्व में आठ सदस्यीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया है। मृतकों के पारिवारिक, आर्थिक और मानसिक हालात की जानकारी जुटाने के लिए एसआईटी के दो सदस्यों को बेंगलुरु भेजा जाएगा।
फंदे से लटके मिले मां, बेटा और दो बेटियां
कमरे के भीतर एक ही परिवार के चार सदस्य- वृद्ध मां जीआर सुमंगला (78), पुत्र जीआर नागा प्रसाद (50) और पुत्रियां श्रुथा जीबी (43) व शिल्पा जीआर (48)- फंदे से लटके मिले। सभी शव बुरी तरह सड़ चुके थे। मृतकों के हाथ-पैर बंधे हुए थे और मुंह पर लाल रंग का टेप चिपका था, जिससे मामला और भी रहस्यमय हो गया।
एंटी-डिप्रेशन की गोलियां और नकदी बरामद
पुलिस और एफएसएल टीम की जांच में कमरे से अवसादरोधी दवाओं के 25 पत्ते बरामद किए गए। इसके अलावा आधार कार्ड, पैन कार्ड, डेबिट कार्ड, अन्य कागजात, लगभग एक लाख 18 हजार रुपये नकद और कपड़े भी मिले। आधार कार्ड कन्नड़ भाषा में हैं, जिससे मृतकों के कर्नाटक निवासी होने की पुष्टि हुई है।
31 जनवरी से ठहरे थे, दो फरवरी से बंद था कमरा
जानकारी के अनुसार, चारों 31 जनवरी को नेपाल भ्रमण के बाद राजगीर पहुंचे थे और धर्मशाला में ठहरे थे। दो फरवरी तक उन्हें परिसर में देखा गया, इसके बाद कमरा बंद रहा। कई दिनों तक कमरा बंद रहने के बावजूद धर्मशाला प्रबंधन को संदेह न होना अब जांच के दायरे में है।
सामूहिक आत्महत्या या जबरन हत्या?
प्रथम दृष्टया मामला सामूहिक आत्महत्या का माना जा रहा है, लेकिन हाथ-पैर बंधे होने और मुंह पर टेप लगे होने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। क्या कोई व्यक्ति खुद अपने हाथ-पैर बांधकर फंदे से लटक सकता है-इसका जवाब एफएसएल रिपोर्ट से मिलने की उम्मीद है। डॉग स्क्वायड ने भी जांच की, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिला।
मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम, वीडियोग्राफी
चारों शवों का मेडिकल बोर्ड गठित कर बिहारशरीफ सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया गया। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई गई है, ताकि किसी भी स्तर पर जांच में चूक न हो।
एसआईटी गठित, बेंगलुरु भेजे जाएंगे दो सदस्य
एसपी भारत सोनी ने बताया कि मामले की गहराई से जांच के लिए एसडीपीओ सुनील कुमार सिंह के नेतृत्व में आठ सदस्यीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया है। मृतकों के पारिवारिक, आर्थिक और मानसिक हालात की जानकारी जुटाने के लिए एसआईटी के दो सदस्यों को बेंगलुरु भेजा जाएगा।
रिपोर्ट के बाद ही खुलेगा मौत का राज
फिलहाल पुलिस किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। पोस्टमार्टम और एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि यह सामूहिक आत्महत्या है या इसके पीछे कोई गहरी साजिश छिपी है। यह मामला अब पूरे राज्य में चर्चा का विषय बना हुआ है।

