भोपाल
राज्य सरकार अगले माह पुलिस द्वारा एफआईआर लिखने में की जाने वाली देरी और केस दर्ज करने के बाद उपयुक्त धारा में केस दर्ज नहीं करने संबंधित शिकायतों की समीक्षा करेगी। इसको लेकर प्रदेश के कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों से जानकारी देने के लिए कहा गया है। यह जानकारी दो जनवरी के पहले भेजने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव इस मसले पर वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों से संवाद भी करेंगे। इसके साथ ही चुनावी साल में बिजली बिल में गड़बड़ और पीएम आवास के लिए राशि जारी करने के बाद हितग्राही को नहीं मिलने की भी समीक्षा जनवरी के पहले सप्ताह में होगी।
कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों से कहा गया है कि वे अपने जिलों में आम आदमी को सुविधाएं देने वाले सरकार की प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों को समय पर पूरा कराएं और दिसम्बर माह की रिपोर्ट दो जनवरी तक शासन को भेजें। इसमें कहा गया है कि राज्य सरकार जनवरी माह में बिजली बिलों में गड़बड़ी से संबंधित प्रकरण तथा प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि प्रदान करने के प्रकरणों में सुनवाई करेगी।
ये भी मांगी जानकारी
राज्य सरकार ने कलेक्टरों से कहा है कि दिसम्बर माह में नवीन राशनकार्ड तथा पात्रता पर्ची जारी करने एवं उचित मूल्य दुकानों में खाद्यान्न की उपलब्धता एवं वितरण से संबंधित जानकारी भी भेजें। इन प्रकरणों की समीक्षा आगामी माह में की जाएगी। साथ ही सीएम हेल्पलाइन में सभी विभागों की सौ दिनों से अधिक समय से लंबित शिकायतों के निराकरण की समीक्षा भी जनवरी में होगी।
एक साल से खाली पड़ा पद भरा जाएगा
वहीं भोपाल में कमिश्नर सिस्टम लागू होने के बाद से ही एडिश्नल सीपी का एक पद खाली है। एक साल से खाली पड़े इस पद पर अब जल्द ही डीआईजी रेंक के अफसर की तैनाती हो सकती है। इस पद पर आने के लिए बहुत ज्यादा प्रयास कोई भी अधिकारी नहीं कर रहे हैं,लेकिन शासन अब इस पद को ज्यादा दिन तक खाली रखना नहीं चाहती है।

