केरल
केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि मैं यहां के लोगों से कहीं बेहतर मुंडू (धोती) बांध सकता हूं। आरिफ मोहम्मद खान ने सत्ताधारी दल पर तंज कसते हुए यह बयान दिया है। राज्यपाल ने कहा कि केरल में कुछ चीजें हुई हैं, जो नहीं होनी चाहिए थी, लेकिन हमे उनपर ध्यान नहीं देना चाहिए। मुझे लगता है कि असल समस्या वह नहीं है जो ये लोग कह रहे हैं बल्कि इनकी असल समस्या यह है कि आरिफ मोहम्मद खान केरल में पैदा नहीं हुआ है, वह उनसे बेहतर मुंडू बांधता है। किसी भी तरह का कोई विवाद नहीं है। लेकिन कभी-कभी लोगों को लगता है कि अगर आप केरल में पैदा नहीं हुए हैं तो आप मलयाली जैसे कैसे लगते हैं। लेकिन मुझे इसमे गर्व है, मैं खुद को मलयाली जैसा ही महसूस करता हूं।
केरल के राज्यपाल और प्रदेश की सरकार में रिश्ते कुछ खास नहीं हैं। अक्सर दोनों एक दूसरे पर हमलावर रहते हैं। केरल के विश्वविद्यालयों के उपकुलपति को लेकर इसी महीने एक अध्यादेश जारी किया गया था, जिसमे राज्यपाल को प्रदेश के विश्वविद्यालयों के चांसलर के पद से हटा दिया गया है। लेकिन सरकार के इस फैसले के खिलाफ आरिफ मोहम्मद खान ने हमला बोलते हुए कहा कि मेरे अंदर किसी भी तरह की कोई दुर्भावना नहीं है।
राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय में विश्वविद्यालयों में किसी भी तरह का कोई राजनीतिक दखल नहीं होना चाहिए। कई लोग विश्वविद्यालय में सीपीएम की ओर से नियुक्त किए गए हैं। इन लोगों को अवैध तरीके से नियुक्ति पत्र दिए गए, जो कोर्ट में लंबित हैं। मेरी पूरी कोशिश यह है कि विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता बनी रहे और सरकार का विश्वविद्यालय के कामकाज में किसी भी तरह का कोई दखल ना हो। कार्यपालिका को भी इस बात को समझना चाहिए।
राज्यपाल ने कहा कि केरल ने भारतीय एकता का परिचय हमेशा से दिया है और इसका नेतृत्व किया है, मुझे इस बात पर गर्व है, मैं अपने भाग्य को इससे ज्यादा धन्यवाद नहीं दे सकता हूं कि मैं यहां पर हूं। मैं अल्लाह का शुक्रगुजार हूं, मैं राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री का शुक्रगुजार हूं कि मुझे केरल परिवार का मुखिया चुना गया। लिहाजा इन तमाम चीजों की ज्यादा चिंता नहीं करनी चाहिए।

