Friday, January 16

डिप्रेशन और एंग्जाइटी से लड़ने में मदद करती है हरियाली

डिप्रेशन और एंग्जाइटी से लड़ने में मदद करती है हरियाली


हरियाली में रहने से कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं से छुटकारा मिलता है। इससे लाइफ एक्सपेक्टेंसी बढ़ती है और दिमाग भी तेज होता है। स्पेन के आईएस ग्लोबल रिसर्च इंस्टीट्यूट के मुताबिक, बेहतर मेंटल हेल्थ के लिए 3-30-300 ग्रीन स्पेस रूल को फॉलो करना चाहिए।

3-30-300 ग्रीन स्पेस रूल समझें
ग्लोबल फोरेस्टर सेसिल कोनिजेन्डीजक पिछले 25 सालों से पेड़-पौधों और समाज में उनकी भूमिका पर रिसर्च कर रहे हैं। उनकी मानें तो हरी-भरी जगहों में घर बनाने से मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर पड़ता है। इसके लिए उन्होंने 3-30-300 ग्रीन स्पेस का रूल भी सुझाया है। इस रूल के मुताबिक, व्यक्ति को उसके घर से कम से कम 3 पेड़ दिखने चाहिए। घर ऐसे इलाके में होना चाहिए जहां पेड़ों की छांव का कवरेज 30% हो। साथ ही 300 मीटर के अंदर कोई पार्क या ग्रीन स्पेस हो। इस रूल को फॉलो करने वालों को मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं कम होती हैं और डॉक्टर की दवा भी कम खानी पड़ती है।

बार्सिलोना के लोगों पर हुआ सर्वे
यह स्टडी बार्सिलोना में रहने वाले 3,145 लोगों पर की गई। इनकी उम्र 15 से 97 साल के बीच थी। सर्वे में पाया गया कि केवल 4.7% लोग ही 3-30-300 रूल को पूरी तरह फॉलो कर रहे हैं। 43% प्रतिभागियों के घर से 15 मीटर की दूरी पर 3 पेड़ दिखते हैं। वहीं 62.1% लोगों के घर से 300 मीटर की दूरी पर ग्रीन स्पेस है। 8.7% लोग पर्याप्त हरियाली में नहीं रहते। 22.4% प्रतिभागी रूल के एक भी एलिमंट को फॉलो नहीं करते।
18% लोगों के मेंटल हेल्थ खराब
सर्वे में शामिल 18% लोगों का कहना है कि वो किसी न किसी मानसिक स्वास्थ्य समस्या के शिकार हैं। 8.3% लोग पिछले एक साल में कम से कम एक बार साइकोलॉजिस्ट के पास गए हैं। 9.4% लोग ट्रैंक्विलाइजर या सेडेटिव्स का इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा 8.1% लोगों ने पिछले दो दिन में एंटी डिप्रेसेंट दवाओं का सेवन किया है। वैज्ञानिकों का मानना है कि ऐसी स्थिति में जल्द से जल्द लोगों को हरियाली के बीच लाना जरूरी है। यानी रेसिडेंशियल एरिया में ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाना और इनकी कटाई को रोकना जरूरी है।

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